2010 में 6.5 फीसदी रहेगी भारत की विकास दर: आईएमएफ
वाशिंगटन, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) का मानना है कि एशियाई अर्थव्यवस्थाओं में सुधार की गति तेज होने के साथ मजबूत घरेलू मांग पर सवार भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर 2010 में 6.5 फीसदी रहने की संभावना है।
आईएमएफ द्वारा गुरुवार को सियोल में एशिया और प्रशांत क्षेत्र के लिए जारी किए गए ताजे क्षेत्रीय आर्थिक आकलन में कहा गया है, "वित्तीय बाजार में स्थिरता से निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है जिससे वित्तीय प्रोत्साहन पैकेजों को वापस लिए जाने के बाद भी मांग बरकरार रहेगी।"
क्षेत्र में विकास के ढांचे में विभिन्नताओं का उल्लेख करते हुए आईएमएफ ने अनुमान लगाया है कि एशिया की विकास दर 2010 में 5.75 फीसदी रहेगी जबकि 2009 में यह 2.75 फीसदी थी।
रिपोर्ट में कहा गया है, "2008 के अंत में वैश्विक व्यापार और वित्त का ढांचा ढहने के बाद एशिया के आर्थिक प्रदर्शन में तेजी से सुधार का कारण सामान्य स्थिति की बहाली है।"
रिपोर्ट में कहा गया है, "वैश्विक मंदी के प्रभाव से पता चलता है कि एशिया शेष विश्व से काफी हद तक जुड़ा हुआ है।"
वर्ष 2010 में वैश्विक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होने की बात को रेखांकित करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले साल जी-7 अर्थव्यवस्थाओं की विकास दर 1.25 फीसदी रहेगी क्योंकि इन देशों में निजी मांग कमजोर रहने की संभावना है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जी-7 देशों में मांग कमजोर रहने के कारण एशिया के उत्पादों की मांग में भी इजाफा होने की संभावना नहीं है जिससे एशिया की विकास दर 6.6 फीसदी से कम रहने की संभावना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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