नीली पहाड़ियों के बीच साइकिल यात्रा
यह आठ दिवसीय यात्रा 'टूर ऑफ नीलगिरीज' (टीएफएन) 15 दिसम्बर से शुरू हो जाएगी। यात्रा के दौरान साइकिल चालक बेंगलुरू, मैसूर, हसन, मरकारा, इरुपू, सुल्तानबथेरी और ऊटी से गुजरेंगे। नीलगीरी देश के दक्षिणी घाटों की नीली पहाड़ियों के नाम से प्रसिद्ध है।
यात्रा का आयोजन करने वाले स्वयंसेवी संगठन 'राइड ए साइकिल फाउंडेशन' के संस्थापक न्यासी रवि रंजन कहते हैं, "टीएफएन 2008 की सफलता से पता चलता है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इसमें शामिल होकर यातायात के सबसे सुगम साधन साइकिल के फायदों के प्रति जागरूकता फैलाना चाहते हैं। इसलिए हमने दूसरी यात्रा करने का निर्णय लिया।"
इस साइकिल यात्रा का एक महत्वपूर्ण आकर्षण इस क्षेत्र के पेड़-पौधे हैं। कर्नाटक और केरल की सीमा पर व तमिलनाडू के दक्षिणी हिस्से में फैली नीलगिरी पर्वत श्रंखला में पहाड़ों की 24 चोटियां हैं।
फाउंडेशन का कहना है कि इस यात्रा से साइकिल चालकों को दक्षिण भारत की प्राकृतिक सुंदरता से रू-ब-रू होने और वहां की धरोहरों, संस्कृति व खान-पान को समझने का अवसर मिलेगा।
दिसम्बर 2008 में आयोजित टीएफएन में 56 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था जबकि इस बार 70 प्रतिभागी शामिल होंगे। इस यात्रा के लिए आईं 300 प्रविष्टियों में से इन प्रतिभागियों का चयन किया गया है। साइकिल चालकों का यह दल एक दिन में औसतन 120 किलोमीटर की दूरी तय करेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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