भारतीय सियासी हलके में आर्थिक सुधारों को स्वीकार्यता : राष्ट्रपति
लंदन, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल का कहना है कि वर्ष 1991 में भारत में किए गए आर्थिक सुधारों को भारतीय राजनीतिक दलों द्वारा स्वीकार कर लिया गया है।
यहां बुधवार को ब्रिटिश उद्योग जगत के शीर्ष लोगों की बैठक को संबोधित करते हुए पाटिल ने कहा, "हमारी आर्थिक नीतियों को हमारे सियासी हलके की पूरी स्वीकार्यता है। नि:सदेह भारत व्यापार के लिए सबसे आकर्षक वैश्विक स्थान है।"
राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 1991 में भारत में हुए सामूहिक आर्थिक सुधारों का लक्ष्य देश में निवेश की रफ्तार और मात्रा को बढ़ना था।
पाटिल ने कहा, "आज भारत में बड़ी तादाद में मजबूत क्रय क्षमता वाला मध्य वर्ग है। दुनिया के सभी उद्यमियों को इसमें रुचि दिखानी चाहिए।"
ब्रिटेन में अमेरिका के बाद भारत दूसरा सबसे बड़ा निवेशक है। यहां भारतीय कंपनियों ने रोजगार के ढेरों अवसर पैदा किए हैं। ब्रिटेन में 600 से अधिक भारतीय कंपनियों ने निवेश कर रखा है।
इससे पहले मंगलवार को राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल ने कहा था कि भारत और ब्रिटेन 'स्वाभाविक साझेदार' हैं जो 21वीं सदी में अहम भूमिका निभाने की तैयारी में हैं। मंगलवार को विंडसर में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने उनके सम्मान में समारोह की मेजबानी की थी।
गौरतलब है कि पाटिल ब्रिटेन का राजकीय दौरा करने वाली तीसरी भारतीय राष्ट्रपति हैं। इससे पहले वर्ष 1963 में सर्वपल्ली राधाकृष्णन और 1990 में आर. वेंकटरामन यहां राजकीय दौरे पर आए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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