भारत और ब्रिटने स्वाभाविक साझेदार : राष्ट्रपति
विंडसर, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल का कहना है कि भारत और ब्रिटेन 'स्वाभाविक साझेदार' हैं जो 21वीं सदी में अहम भूमिका निभाने की तैयारी में हैं।
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय द्वारा दिए गए सम्मान समारोह में बोलते हुए पाटिल ने मंगलवार रात कहा, "पिछले कुछ समय के दौरान पहले की तुलना में हमारे द्विपक्षीय संबंध बेहतर हुए हैं। हमें इनमें निरंतर सुधार लाने की जरूरत के प्रति पूरी सचेत हैं।"
उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन स्वाभाविक साझेदार हैं। उनमें बहुत कुछ मिलता-जुलता है। दोनों देशों की राजधानियों में विभिन्न धर्मो और जातियों के लोग रहते हैं। दोनों ही देश प्रगतिशील हैं, चुनौती को स्वीकार कर रहे हैं और 21वीं सदी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की कोशिश कर रहे हैं।
पाटिल के संबोधन के दौरान वहां उपस्थित लगभग 150 लोगों में कई विशिष्ट व्यक्ति भी थे। इनमें महरानी, ब्रिटिश प्रधानमंत्री गोर्डन ब्राउन, विदेश मंत्री, डेविड मिलीबैंड, पाकिस्तान के उच्चायुक्त और श्रीलंका व बांग्लादेश के व्यापार मंत्री प्रमुख रहे।
पाटिल ब्रिटेन का राजकीय दौरा करने वाली तीसरी भारतीय राष्ट्रपति हैं। इससे पहले वर्ष 1963 में सर्वपल्ली राधाकृष्णन और 1990 में आर. वेंकटरामन यहां के राजकीय दौरे पर आए थे।
ब्रिटेन की महारानी ने कहा, "हमारे लगभग लगभग 20 लाख नागरिकों के भारत के साथ पारिवारिक संबंध रहे हैं। भारतीय मूल के लोग इस देश के सबसे बहुआयामी और सफल समुदायों में से एक हैं।"
उल्लेनीय है कि ब्रिटेन के राजकुमार चार्ल्स यहां विशिष्ठ अतिथियों के लिए बुधवार को एक स्वागत समारोह की मेजबानी करने वाले हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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