ईयू की श्रीलंका में मानव अधिकार हनन आरोपों की जांच की मांग
लग्जमबर्ग, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। यूरोपीय संघ (ईयू) के विदेश मंत्रियों ने श्रीलंका में मानव अधिकारों की स्थिति पर चिंता जताते हुए अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून के हनन के आरोपों की 'निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच' कराने को कहा है।
मंगलवार को ईयू के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि अपहरण, गुमशुदगी और सशस्त्र बलों द्वारा की गई गैर कानूनी हत्याओं की लगातार आ रही रिपोर्टों से ईयू चिंतित है। ईयू ने पत्रकारों के उत्पीड़न की कई घटनाओं व प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाने पर भी गहरी चिंता जाहिर की।
ईयू ने श्रीलंका में जारी मानवीय संकट और आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों की दशा पर चिंता प्रकट की। माना जा रहा है कि करीब 2.5 लाख लोगों को बंद शिविरों में हिरासत में रखा गया है।
ईयू ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के उच्चस्तरीय दल के श्रीलंका दौरे का स्वागत किया और श्रीलंका में संयुक्त राष्ट्र को मजबूत बनाने का समर्थन किया।
ईयू ने मंत्रियों के सामने एक रिपोर्ट पेश की। इसमें कहा गया है कि श्रीलंका मानवाधिकारों से जुड़ी बहुत सी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं कर रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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