पेशावर में कार बम विस्फोट में 91 मरे, 200 घायल (लीड-5)
यह विस्फोट अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के पाकिस्तान पहुंचने के कुछ देर बाद हुआ। वह तीन दिन के पाकिस्तान दौरे पर हैं।
ऐसा समझा जाता है कि अमेरिका की विदेश मंत्री बनने के बाद क्लिंटन के पहले दौरे के विरोधस्वरूप तालिबान आतंकवादियों ने पिछले कुछ दिनों से अपने हमले तेज कर दिए। इस बीच क्लिंटन पाकिस्तान पहुंच गई हैं और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में पूरा समर्थन देने की बात कही।
उत्तर पश्चिम सीमांत प्रांत की राजधानी पेशावर के पीपल मंडी इलाके में महिलाओं के बीच लोकप्रिय मीना बाजार में हुए इस कार बम विस्फोट में कम से कम 91 लोगों की मौत हो गई और 200 लोग घायल हो गए। मृतकों और घायलों में ज्यादातर महिलाएं एवं बच्चे शामिल हैं।
शहर के मुख्य लेडी रीडिंग अस्पताल के प्रमुख अब्दुल हमीद अफरीदी ने कहा, "अब तक 91 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा घटनास्थल से कई मानव अंगों को प्लास्टिक के थैले में लाया गया है। घायलों में 30 की हालत गंभीर है। इस हादसे में मरने और घायल होने वालों में महिलाओं और बच्चों की तादाद ज्यादा है।"
विस्फोट के बाद ध्वस्त हुए दोमंजिला मकान के मलबे में भी लोगों के दबे होने की आशंका है। दमकल विभाग ने आग पर करीब-करीब काबू पा लिया है और राहत कर्मी मलबे में लोगों की तलाश कर रहे हैं।
बम निरोधक दस्ते के प्रमुख शफकत मलिक ने कहा कि कार बम विस्फोट में 150 किलो से अधिक विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था। धमाका इतना जबरदस्त था कि इसकी आवाज पूरे पेशावर में सुनी गई। 500 मीटर के दायरे में स्थित इमारतों की खिड़कियों के शीशे चटक गए और अनेक वाहन तथा 15 दुकानें जलकर राख हो गईं।
विस्फोट की वजह से घनी बसाहट वाले मीना बाजार क्षेत्र की एक इमारत ढह गई और एक मस्जिद को भी नुकसान पहुंचा।
विस्फोट के कारण उठा धूल का गुबार बैठते ही दुकानदार घायलों की मदद के लिए आगे आए। घायलों में बच्चे भी हैं। दुकानदारों ने जीवित बचे लोगों की तलाश के लिए मलबा हटाने के काम में भी सुरक्षाकर्मियों की मदद की। घायलों को लेडी रीडिंग अस्पताल और अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
विस्फोट के बाद पेशावर के सभी बाजार बंद करा दिए गए। अस्पतालों में चिकित्सक गंभीर रूप से घायलों के इलाज में जुटे हैं। पश्चिमोत्तर सीमांत प्रांत के अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने विस्फोट की निंदा की है। पश्चिमोत्तर सीमांत प्रांत के मुख्यमंत्री अमीर हैदर खान होती ने विस्फोट की जांच के आदेश दिए हैं।
गौरतलब है कि विगत पांच अक्टूबर को इस्लामाबाद में संयुक्त राष्ट्र खाद्य कार्यक्रम के दफ्तर को निशाना बनाने की घटना के बाद से अब तक पाकिस्तान में कई आतंकवादी वारदातें हो चुकी हैं जिनमें बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं।
पाकिस्तान में पिछले पांच अक्टूबर से जारी सिलसिलेवार बम विस्फोटों में इस्लामाबाद, लाहौर और पेशावर में करीब 300 लोग मारे गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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