विश्वास मत का बहिष्कार किया हजकां ने
विश्नोई सहित हजकां के छह विधायक शपथ लेने के बाद सदन से बाहर चले गए। सदन छोड़ने से पहले विश्नोई ने कहा, "हम विश्वासमत के दौरान अनुपस्थित रहेंगे। हम दिल्ली जा रहे हैं।"
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस को 90 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 46 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता थी। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के अध्यक्ष ओमप्रकाश चौटाला दो जगहों से चुनाव जीते थे। उन्होंने एक सीट से त्यागपत्र दे दिया है। इसके बाद विधानसभा में सदस्यों की संख्या 89 रह गई। हजकां के छह सदस्यों द्वारा विश्वास मत का बहिष्कार किए जाने पर विधानसभा में मौजूद सदस्यों की कुल संख्या 83 रह गई थी। ऐसे में अब विश्वासमत जीतने के लिए कांग्रेस को केवल 42 सदस्यों का समर्थन चाहिए था।
गौरतलब है कि राज्य में 13 अक्टूबर को संपन्न हुए चुनाव में कांग्रेस 40 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। कांग्रेस सामान्य बहुमत से छह सीट पीछे रह गई थी।
सभी सातों निर्दलीय विधायकों और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के एक विधायक ने विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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