येदियुरप्पा सरकार मुश्किल में, जेटली पहुंचे संकटमोचक बनकर
रेड्डी ब्रदर्स और माइनिंग मैगनेट के नाम से मशहूर पर्यटन मंत्री जी. जनार्दन रेड्डी और राजस्व मंत्री जी. करूणाकर रेड्डी ने येदियुरप्पा के खिलाफ यह मोर्चा खोला है। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री तानाशाह की तरह शासन चला रहे हैं।
दरअसल, रेड्डी भाइयों ने अपने गृह जिले बेल्लारी में बाढ़ पीड़ितों के लिए 50,000 घरों का निर्माण कार्य पिछले दिनों आरंभ किया। इसके लिए उन्होंने खुद पैसे लगाए और अन्य खदान मालिकों से चंदा लिया।
येदियुरप्पा चाहते थे कि बाढ़ राहत व पुनर्वास कार्य निजी तौर पर न करके सरकार के सामूहिक प्रयास से किया जाए लेकिन रेड्डी भाइयों ने उनकी नहीं सुनी और घर बनाने के लिए भूमि पूजन भी कर दिया। इस भूमि पूजन के कार्यक्रम में येदियुरप्पा को भी आमंत्रित नहीं किया।
भूमि पूजन के दिन ही येदियुरप्पा ने रेड्डी भाइयों के करीबी पांच वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर दिया। येदियुरप्पा ने इनके तबादले के पीछे यह तर्क दिया कि राहत व पुनर्वास कार्यो का क्रियान्वयन बेहतर तरीके से सुनिश्चित हो सके, इसके लिए उनके तबादले किए गए।
रेड्डी भाइयों ने मुख्यमंत्री के इस कदम को दलित विरोधी बताया। बहरहाल, मुख्यमंत्री ने रेड्डी भाइयों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया, लेकिन उन्होंने इस पेशकश को ठुकरा दिया।
बहरहाल, मामले को बिगड़ते देख पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने जेटली को संकटमोचक बनाकर बेंगलुरू भेजा है। जेटली ने यहां पहुंचते ही येदियुरप्पा से मुलाकात की। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "सब कुछ ठीक हो जाएगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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