कांटीनेंटल स्टार एलायंस से जुड़ी, एयर इंडिया अभी इंतजार में
नेवार्क (न्यूजर्सी), 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिकी विमानन कंपनी कांटीनेंटल एयरलाइन स्टार एलायंस का 25वां सदस्य बन गई है, जबकि एयर इंडिया दुनिया के सबसे पुराने, बड़े और व्यापक अंतर्राष्ट्रीय विमानन समझौते में शामिल होने के लिए अपनी व्यवस्था को सही करने के लिए अभी भी संघर्ष कर रही है।
अमेरिकी कंपनी को स्टार एलायंस में शामिल करने की घोषणा मंगलवार को नेवार्क के लिबर्टी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर एक समारोह में की गई। समारोह में सभी 25 कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के अलावा एयर इंडिया के अधिकारी भी मौजूद थे।
नए सदस्य के औपचारिक रूप से संगठन में शामिल हो जाने के बाद स्टार एलायंस नेटवर्क 171 देशों के 1,071 हवाईअड्डों से रोजाना 19,500 से अधिक उड़ानों का संचालन करेगा।
स्टार एलायंस की प्रमुख प्रतिद्वंद्वी अमेरीकन एयरलाइंस और ब्रिटिश एयरवेज के नेतृत्व वाली वन वर्ल्ड तथा एयर फ्रांस-केएलएम और डेल्टा एयरलाइंस के नेतृत्व वाली स्काईटीम है। स्टार एलायंस से जुड़ने से पहले कांटीनेंटल स्काईटीम की सदस्य थी।
स्टार एलायंस में शामिल होने से उत्पाद पेशकश में सुधार, बेहतर सेवा मानक, नए बाजारों और बेहतर ग्राहकों तक पहुंच, विश्व की शीर्ष विमानन कंपनियों के साथ साझेदारी तथा इसके परिणामस्वरूप राजस्व वृद्धि जैसे लाभों के कारण एयर इंडिया उससे जुड़ने का इंतजार कर रही है।
इससे एयर इंडिया की फ्लाइंग रिटर्न योजना भी अन्य सदस्यों के 'फ्रिक्वेंट फ्लियर' कार्यक्रमों से जुड़ जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार समझौते से हवाईअड्डों पर लाउंज में साझेदारी और उड़ान कायक्रमों को समन्वित किया जाएगा, जिससे एक ही हवाई टिकट पर निर्बाध यात्रा की जा सकेगी। भले ही यात्रा के लिए कई विमानन कंपनियों की आवश्यकता हो।
अभी तक एयर इंडिया के इस समझौते में शामिल नहीं हो पाने का मुख्य कारण दो साल पहले घरेलू विमानन कंपनी इंडियन एयरलाइंस के विलय के बाद भी उसकी आरक्षण और अन्य व्यवस्थाओं को एयर इंडिया में शामिल नहीं किया जाना है।
समारोह में उपस्थित एयर इंडिया की कार्यकारी निदेशक शिरीन लालवानी ने कहा, "अन्य की अपेक्षा स्टार नेटवर्क में शामिल होने में हमें लंबा समय लगेगा लेकिन इंतजार के पीछे अच्छे कारण हैं।"
लालवानी ने आईएएनएस से कहा, "न्यूनतम आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हम कड़ी मेहनत कर रहे हैं और उम्मीद है कि अगले वर्ष के मध्य तक यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।"
एयर इंडिया को दिसम्बर 2007 में ही स्टार एलायंस में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था।
लालवानी ने कहा कि औपचारिक रूप से संगठन से जुड़ने में सबसे बड़ी बाधा सूचना प्रौद्योगिकी है। "जहां गैर आईटी जरूरतों को हम इस वर्ष के अंत तक पूरा कर लेंगे, वहीं प्रौद्योगिकी सुविधाओं की तैयारी में कम से कम नौ महीने और लग सकते हैं।"
उस उद्योग में जहां राजस्व पर दबाव है और मुनाफा घट रहा है, स्टार एलायंस के मुख्य कार्यकारी जान अलब्रेक्ट ने वैश्विक साझेदारी के रणनीतिक महत्व पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि कोई भी अकेली कंपनी अपने दम पर वैश्विक यात्रियों को अपेक्षित सेवा उपलब्ध नहीं करा सकती।
दुनिया की तीसरे नंबर की विमान कंपनी और जर्मन कंपनी लुफ्तहांसा के साथ स्टार एलायंस की महत्वपूर्ण सदस्य यूनाइटेड एयरलाइंस के अध्यक्ष ग्लेन टिटन ने कहा कि कांटिनेंटल के समझौते में शामिल होने से इसके उपभोक्ताओं को विस्तृत वैश्विक पहुंच और सेवा के व्यापक विकल्प मिलेंगे।
पद से हटने जा रहे कांटिनेंटल के मुख्य कार्यकारी लैरी केलनर ने स्टार्र एलाइंस में औपचारिक रूप से शामिल होने को विमानन कंपनी के लिए "सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक कदमों में से एक" बताया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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