महान भारत के निर्माण में मददगार बनें प्रवासी भारतीय : राष्ट्रपति
लंदन, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल ने दुनिया भर के प्रवासी भारतीयों से उभरते भारत के समक्ष उपस्थित चुनौतियों से निपटने और एक "महान तथा सशक्त" देश के निर्माण में मदद करने का आग्रह किया है।
सोमवार को अपने सम्मान में आयोजित रात्रि भोज में उन्होंने प्रवासी भारतीय समुदाय के प्रमुख सदस्यों से कहा, "उभरते हुए भारत के सामने उपस्थित चुनौतियों को आप सभी जानते हैं।"
उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में प्रवासी भारतीयों की संख्या 2.5 करोड़ है और इनमें से 15 लाख ब्रिटेन में हैं। उन्होंने कहा, "वास्तव में हम उनके साथ सीधा और वास्तविक संवाद चाहते हैं।"
भारतीय मूल के करीब 400 लोगों की मौजूदगी के बीच राष्ट्रपति ने कहा, "हमें व्यक्तिगत तरीकों से महान और ताकतवर भारत के निर्माण के कार्य में योगदान देना चाहिए, जो उभरते वैश्विक परिदृश्य का एक प्रमुख आधार होगा।"
उन्होंने ब्रिटेन में प्रवासी भारतीय समुदाय की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश की जनसंख्या का केवल दो प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद वे ब्रिटेन के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 4-5 प्रतिशत का योगदान करते हैं।
उन्होंने कहा, "आपके मेहनती और उद्यमी दृष्टिकोण की वजह से आप जिस देश में रहते हैं वहां तथा भारत में भी प्रशंसा होती है।"
रात्रिभोज के मेहमानों में नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक वेंकटरामन रामकृष्णन, उद्योगपति स्वराज पाल, श्रीचंद हिंदुजा, राज कुमार बागड़ी, नात पुरी, गुलाम नून और किरण बिलिमोरिया, राजनीतिज्ञ नवनीत ढोलकिया, शैलेश वारा, परमजीत ढांढा और लार्ड एडम पटेल सहित विद्वान,व्यापारिक घरानों,कल्याणकारी संस्थाओं और कला जगत के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
राष्ट्रपति के तीन दिवसीय ब्रिटेन दौरे का यह पहला कार्यक्रम था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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