गन्ने के मूल्य से नाराज किसानों ने दी आत्महत्या की धमकी
सोमवार को मुजफ्फर नगर जिले के कुड़ाना गांव में गन्ना किसान धीरजपाल ने घोषित गन्ना मूल्य से दुखी होकर खेत में खड़ी पांच बीघा गन्ने की फसल को आग के हवाले कर दिया था।
जिले के शामली और खतौली कस्बों में मंगलवार को हजारों की संख्या में किसानों ने राज्य सरकार के खिलाफ प्रदशर्न किया। किसान तीर्थपाल ने खतौली में संवाददाताओं से कहा, "आज तो हमने खेत में आग लगाई है, अगर हमें उचित भाव नहीं मिला तो हम आत्महत्या करने को मजबूर होंगे और इसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होगी।"
उधर, भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) नेता महेंद्र सिंह टिकैत ने किसान द्वारा खेत जलाये जाने की घटना के बाद किसानों से अपना नुकसान न करने की अपील की है।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने गत शुक्रवार को मौजूदा पेराई सत्र (2009-10) के लिए गन्ना मूल्य में पिछले साल के मुकाबले 25 रूपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इस हिसाब से इस वर्ष चीनी मिलों द्वारा गन्ने की अगौती प्रजातियां 170 रूपये प्रति क्विंटल और सामान्य प्रजातियां 165 रूपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी जाएंगी।
इसी बीच मंगलवार को लखनऊ में राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के प्रदेश अध्यक्ष रामआसरे वर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि इस बार गन्ने का जो क्रय मूल्य घोषित किया गया है वह किसानों का गला काटने वाला है।
वर्मा ने कहा कि पिछले साल चीनी जब 16 रूपये प्रति किलोग्राम बिक रही थी तो गन्ने का क्रय मूल्य 140 रूपये प्रति क्विंटल था। इस साल चीनी का मूल्य ढाई से तीन गुना बढ़ गया, लेकिन किसानों के गन्ना मूल्य में सिर्फ 25 रूपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। गन्ना मूल्य निर्धारण में लागत का भी ख्याल नहीं रखा गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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