सरकार ने तीर्थ यात्रियों से कहा, पाकिस्तान जाने से बचें (लीड-3)
गृह मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में लगातार हो रहे आतंकी हमलों को देखते हुए भारतीय तीर्थ यात्रियों को पाकिस्तान जाने की सलाह देने की स्थिति नहीं है। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में सभी गुरुद्वारे पंजाब प्रांत में ही हैं।
बयान में कहा गया है, "सरकार सभी भारतीयों को सलाह देती है कि जब तक सुरक्षा हालात में सुधार नहीं हो जाता तब तक वे तीर्थ यात्रा के उद्देश्य से पाकिस्तान न जाएं।"
दूसरी ओर हरियाणा सरकार ने इस यात्रा निर्देश के बाद हरियाणा के श्रद्धालुओं की पाकिस्तान यात्रा मंगलवार को निरस्त कर दी।
हरियाणा के गृह विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा है कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हुए हाल के आतंकी हमलों को देखते हुए 28 अक्टूबर से छह नवंबर के बीच सिरसा से पाकिस्तान जाने वाले सिख श्रद्धालुओं की यात्रा निरस्त कर दी गई है।
लेकिन सिख पंथ की सर्वोच्च संस्था एसजीपीसी ने अगले सप्ताह गुरु नानक देव के जयंती समारोह में हिस्सा लेने के इच्छुक सिख श्रद्धालुओं को पाकिस्तान जाने की अनुमति प्रदान करने हेतु आवेदन किया है। गुरु नानक देव का जन्म स्थान ननकाना साहिब पंजाब प्रांत की राजधानी लाहौर के पास ही है।
एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने मंगलवार को आईएएनएस से कहा कि पाकिस्तान यात्रा एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है।
मक्कड़ ने कहा है, "हम इस बात को समझते हैं कि सरकार ने पाकिस्तान में सुरक्षा के बदतर हालात के मद्देनजर यात्रा संबंधी निर्देश जारी किए हैं। वहां कुछ भी हो सकता है। यदि सरकार इस बात को महसूस करती है कि पाकिस्तान असुरक्षित है तो वहां की हर तरह की यात्रा पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए।"
मक्कड़ ने कहा है, "हमने अपने जत्थे को वहां जाने की अनुमति के लिए आवेदन किया है। यदि अनुमति मिलती है तो यह भारत सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह सिख तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए पाकिस्तान सरकार से बात करे।"
दो नवंबर के समारोह में जाने वाले एसजीपीसी के जत्थे में 1,500 से 2,000 श्रद्धालु हो सकते हैं।
मक्कड़ ने कहा है, "मात्र यात्रा निर्देश जारी करने से कुछ हल नहीं निकलने वाला। यदि हम तीर्थ यात्रियों को नहीं भेजते हैं, और तीर्थ यात्री छोटे-छोटे समूहों में पाकिस्तान जाने का फैसला करते हैं तो यह हमारे लिए शर्मनाक होगा।"
इस महीने के प्रारंभ में पाकिस्तान में तीर्थ यात्रा पर गए 200 से अधिक भारतीयों को सुरक्षा कारणों से अपनी यात्रा संक्षिप्त करनी पड़ी थी। उस समय आतंकियों ने रावलपिंडी स्थित सैन्य मुख्यालय पर हमला बोल दिया था।
इस्लामाबाद में संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम के कार्यालय पर गत पांच अक्टूबर को हुए आत्मघाती हमले के साथ ही आतंकी हिंसा के ताजा दौर में अब तक लगभग 200 लोग मारे जा चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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