अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन से पहले बाघ के हमलों में 6 बच्चों की मौत
काठमांडू, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। बाघों को विलुप्त होने से बचाने के प्रयासों पर चर्चा के लिए मंगलवार को यहां शुरू होने जा रहे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन से ठीक पहले एक दो साल की बच्ची को एक बाघ द्वारा आंशिक रूप से खा लिए जाने के बाद बाघों के हमले में मरने वाले बच्चों की संख्या छह हो गई है।
दो साल की स्मृति तमांग को रविवार को उसके घर के नजदीक से एक बाघ उठाकर ले गया था। उसके बाद से काठमांडू के नजदीक स्थित केवरे जिले के नासिकासथान गांव में भय और शोक का माहौल है।
मृतक बच्ची के पिता शंकर तमांग का कहना है, "हमारी झोपड़ी एक जंगल के निकट स्थित है। शाम को 5.30 बजे के करीब वह अपनी छह वर्षीय बड़ी बहन के साथ खेल रही थी तभी बाघ उसे उठाकर ले गया।"
तमांग ने कहा, "जब मेरी बड़ी बेटी रोती हुई आई और उसने मेरी पत्नी को इसकी सूचना दी तब पत्नी के शोर मचाने पर पड़ोसी जंगल की ओर दौड़े। लोगों का शोर सुनकर बाघ डर कर भाग गया।"
ग्रामीणों को लड़की का शव जंगल में मिला।
बाघ के हमले में मरने वाले केवरे जिले के छह बच्चों में से तीन बच्चे केवल नासिकासथान गांव के हैं।
हाल ही में हुआ बाघ का हमला ऐसे समय में हुआ है जब प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल मंगलवार को 'काठमांडू ग्लोबल टाइगर वर्कशॉप 2009' का शुभारंभ करने जा रहे हैं। इसमें दुनियाभर के 13 देशों के 200 नीति निर्धारक, वैज्ञानिक और संरक्षणकर्ता शामिल होंगे।
इस कार्यशाला में 'कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल ट्रेड इन एनडेंजर्ड स्पेशीज सेक्रेटेरिएट', 'वर्ल्ड बैंक', 'सेव द टाइगर फंड', 'नेशनल ट्रस्ट फॉर नेचर कंजरवेशन और वर्ल्ड वाइल्डलाइफ नेपाल' शामिल होंगे।
इस चार दिवसीय कार्यशाला का मुख्य मकसद बाघों को विलुप्त होने से बचाने के लिए उपाय खोजना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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