मौद्रिक नीति समीक्षा के प्रमुख बिंदु
-सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) 24 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत की गई
-बैंक दर 6 प्रतिशत पर अपरिवर्तित
-रेपो दर 4.75 प्रतिशत पर अपरिवर्तित
-रिवर्स रेपो दर 3.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित
-नकद आरक्षित अनुपात पांच प्रतिशत पर अपरिवर्तित
-मार्च तक मुद्रास्फीति की दर 6.5 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान
-चालू वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था की विकास दर 6 फीसदी बने रहने का अनुमान
- तेज और प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए मुद्रास्फीति पर नजर
-तरलता की स्थिति पर नजदीकी निगाह और उसका सक्रिय प्रबंधन
- विकास के सहयोग से मूल्य व वित्तीय स्थिरता के दौर को बनाए रखना
-नवंबर के अंत तक कारपोरेट बॉन्ड में रेपो पर अंतिम दिशानिर्देश
-यूरो, येन, पाउंड-स्टर्लिग में भी फ्यूचर ट्रेडिंग की अनुमति
-केंद्र और राज्य सरकारों की कुल उछारी पूर्व में किए गए मूल्यांकन से 34 फीसदी ज्यादा
-म्यूचुअल फंडों के लिए विशेष रेपो, गैर बैंकिंग और आवास वित्त कंपनियां को छूट
- तीसरी तिमाही समीक्षा 29 जनवरी को
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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