चिदंबरम बरसे नक्सली हिमायतियों पर

गृहमंत्री पी चिदंबरम ने एक बयान जारी कर माओवादी हिंसा की हिमायत करनेवालों और सरकार को सीख देनेवालों को आड़े हाथ लिया है.
चिदंबरम की तरफ़ से जारी एक बयान में कहा गया है: उस पुलिस बल पर हमले का क्या उद्देश्य हो सकता है जो राष्ट्रीय खनिज विकास निगम को सुरक्षा प्रदान करती है? इस हमले से सीपीआई (माओवादी) क्या संदेश देना चाहते हैं? ये सवाल सरकार न केवल माओवादियों से बल्कि उनसे भी पूछना चाहते हैं जो माओवादियों के हक़ में बोलते हैं और सरकार को सीख देने की कोशिश करते हैं.’’
गृहमंत्री का ये बयान छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों पर हुए बारूदी सुरंग के हमले के बाद आया है जिसमें सीआईएसएफ़ के चार जवानों की मौत हो गई.
उस बयान में उन्होंने कहा है: हम समझते हैं कि ऐसे सभी नागरिक जो लोकतंत्र और विकास में यकीन रखते हैं उन्हें माओवादियों की हिंसा की भर्तस्ना करनी चाहिए.’’
पिछले दिनों में नागरिक अधिकार संगठनों से जुड़े कई लोग जो विकास के मुद्दे पर सरकार की आलोचना करते रहे हैं, माओवादी हिंसा की भर्तस्ना करने से कतराते रहे हैं.
उनमें से कई ने माओवादियों के ख़िलाफ़ सरकार की सुरक्षा कार्रवाई को भी ग़लत ठहराया है और कहा है कि माओवादियों को आतंकवादियों का दर्जा देना सही नहीं है.


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