कसाइयों की हड़ताल चौथे दिन जारी, दुकानों में मांस की कमी (लीड-1)
व्यापारियों का कहना है कि अधिकारियों द्वारा अपना फैसला वापस लिए जाने तक हड़ताल जारी रहेगी। मुर्गे और मछली के विक्रेता इस हड़ताल में मंगलवार को शामिल हो सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और मांस व्यापारी संघ के बीच पांच साल तक चली लंबी कानूनी लड़ाई के बाद उच्चतम न्यायालय के आदेश पर ईदगाह के बगल में बनी सदियों पुरानी बधशाला को गुरुवार को बंद कर दिया गया।
गौरतलब है कि राजधानी के पूर्वी दिल्ली इलाके में स्थित गाजीपुर में उच्च तकनीक वाला बूचड़खाना बनाया गया है लेकिन इसके बगल में ही कचरा निवारण स्थल होने की वजह से इसकी काफी आलोचना हो रही है।
नई दिल्ली मांस व्यापारी संघ के अध्यक्ष मोहम्मद आसिफ ने आईएएनएस को बताया, "अधिकारियों द्वारा यह निर्णय वापस लिए जाने तक हड़ताल जारी रहेगी। मुग्रे और मछली व्यापारियों के इस हड़ताल में शामिल होने की उम्मीद है।"
आसिफ ने कहा, "हम नगरनिगम के साथ बहस के लिए तैयार हैं और यदि किसी ने यह साबित कर दिया कि हम गलत हैं तो हम वही करेंगे जो वे चाहते हैं। हमने अधिकारियों से गाजीपुर में चिकित्सकों की टीम भेजने और यह साबित करने को कहा है कि वहां काम करना संभव है।"
राजधानी के मांस विक्रेताओं के अनुसार इस हड़ताल की वजह से लगभग 150,000 लोगों का व्यापार प्रभावित हुआ है।
पूर्वी दिल्ली में एक मांस दुकान के मालिक यासिन हुसैन ने कहा कि मुर्गे की मांस का दाम 100 रुपये प्रतिकिलो से बढ़कर 150 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है जबकि बकरे की मांस का दाम बढ़कर 250 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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