संख्या का खेल अब कांग्रेस के पक्ष में : चह्वाण (लीड-1)
चह्वाण ने यहां संवाददाताओं से कहा, "वर्ष 1999 की तुलना में इस बार हमारी संख्या अधिक है। आंकड़े बदल चुके हैं।"
ज्ञात हो कि 288 सदस्यीय विधानसभा में सत्ताधारी कांग्रेस-राकांपा गठबंधन के पास 144 सीटें हैं। इसमें कांग्रेस की 81 तथा राकांपा की 63 सीटें शामिल हैं। जबकि पिछली विधानसभा में कांग्रेस के 69 और राकांपा के 71 विधायक थे।
पिछली सरकार में राकांपा के खाते में रहे गृह मंत्रालय के बारे में खासतौर से पूछे गए सवाल के बारे में चह्वाण ने कहा, "अभी इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है। वैसे भी मैं नहीं समझता कि इस बारे में मीडिया से बात करना उचित होगा।"
चह्वाण ने कहा कि राकांपा विधायक दल की बैठक हो जाने के बाद उसके साथ सरकार बनाने की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। राकांपा के नवनिर्वाचित विधायक सोमवार को अपने नेता का चयन करेंगे, जिसे उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा।
यह पूछे जाने पर कि क्या राकांपा के साथ विभागों के बंटवारे को लेकर उन्हें कोई परेशानी की संभावना दिखाई दे रही है, इस पर चह्वाण ने कहा, "सरकार का गठन सहज तरीके से होगा। मुझे इसमें कोई दिक्कत नहीं दिखाई देती। हमने गठबंधन सरकार में काम किया है और हमें इसका अच्छा अनुभव है।"
यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस सरकार गठन के लिए राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) का समर्थन लेगी, इस पर चह्वाण ने स्पष्ट जवाब दिया, "राज ठाकरे का समर्थन लेने का सवाल ही नहीं उठता।"
चह्वाण ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल ने मुख्यमंत्री का नाम चुनने की जिम्मेदारी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर छोड़ दी थी और पिछली रात मुख्यमंत्री के लिए उनके नाम की घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री पद के दूसरे प्रबल दावेदार नारायण राणे के बारे में चह्वाण ने कहा, "उन्होंने मुझे फूलों का गुलदस्ता भेंट किया है, जिसे लेकर मैं मुंबई वापस जा रहा हूं।"
पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के बारे में पूछे जाने पर चह्वाण ने कहा, "पिछली रात हम साथ थे।"
चह्वाण ने यहां राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल और पार्टी के राज्य पर्यवेक्षक व रक्षा मंत्री ए.के.एंटनी सहित कई नेताओं से मुलाकात की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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