भारत-चीन सीमा पर शांति बनाए रखेंगे : प्रधानमंत्री (लीड-1)
हुआ हिन (थाइलैंड), 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रविवार को कहा है कि भारत और चीन ने विवादित सीमा पर शांति और सद्भाव बनाए रखने पर सहमति जताई है।
प्रधानमंत्री ने अपनी दो दिवसीय थाईलैंड यात्रा की समाप्ति के मौके पर पत्रकारों को बताया कि उन्होंने जियाबाओ से कह दिया है कि भारत तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा को सम्मानित अतिथि और एक धार्मिक नेता के रूप में देखता है।
बीजिंग ने अगले महीने प्रस्तावित दलाई लामा की अरूणाचल प्रदेश यात्रा का विरोध किया है।
सिंह ने कहा कि चीनी प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ के साथ शनिवार को प्रतिनिधिमंडल स्तर की हुई बैठक के दौरान तथा थाईलैंड के प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए रात्रिभोज के दौरान हुई बातचीत रचनात्मक रही है। सिंह ने कहा कि दलाई लामा की चर्चा केवल रात्रिभोज के दौरान हुई।
मनमोहन सिंह ने कहा कि उन्होंने जियाबाओ के साथ शनिवार को द्विपक्षीय बातचीत के दौरान विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
उन्होंने कहा कि भारत और चीन सभी विवादित मुद्दों को आपस में बातचीत के जरिए सुलझाने पर सहमत हैं।
मनमोहन सिंह ने कहा, "जब तक सीमा विवाद का समाधान नहीं हो जाता तब तक सीमा पर शांति और सद्भाव बनाए रखने की जरूरत है।"
मनमोहन सिंह ने कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेदों पर बेंगलुरू में होने वाली दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान चर्चा की जाएगी।
सिंह ने कहा, "दोनों देशों के बीच सीमा को लेकर एक जटिल समस्या है, जिससे इंकार नहीं किया जा सकता।"
सिंह ने कहा, "हम दोनों इस बात से सहमत हैं कि सीमा विवाद एक जटिल प्रश्न है। लिहाजा सीमा पर शांति बनाए रखना दोनों की जिम्मेदारी है।"
मनमोहन सिंह ने कहा कि उन्होंने चीन द्वारा ब्रह्मपुत्र नदी पर प्रस्तावित बांध के मुद्दे पर भी बात की है। इस प्रस्तावित बांध को लेकर भारत के पूर्वोत्तर इलाके में सूखे की आशंकाएं बढ़ गई हैं।
सिंह ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर के लोगों को चीन द्वारा भारतीय पासपोर्ट के बदले एक अलग कागज पर वीजा दिए जाने के मुद्दे पर उन्होंने कोई बातचीत नहीं की।
उन्होंने कहा, "हमारे बीच सभी द्विपक्षीय मुद्दों पर सामान्य रूप से चर्चा हुई है। मैंने वीजा के मुद्दे को अलग से नहीं उठाया। लेकिन चाहे वह अरूणाचल प्रदेश हो या जम्मू एवं कश्मीर दोनों भारत के अभिन्न हिस्से हैं।"
दलाई लामा की अरूणाचल यात्रा के बारे में सिंह ने कहा, "मुझे दलाई लामा के अरूणाचल कार्यक्रम के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैंने चीनी नेतृत्व से दलाई लामा के मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। मैंने जियाबाओ से कहा है कि दलाई लामा हमारे अतिथि हैं। वह एक धार्मिक नेता हैं।"
सिंह ने यह भी कहा कि भारत निर्वासित तिब्बती समुदाय को राजनीतिक गतिविधियों की इजाजत नहीं देता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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