गैस मार्केटिंग मार्जिन का अंत चाहता है अनिल अंबानी समूह
ऊर्जा मंत्रालय से इस मुद्दे को कृष्णा-गोदावरी गैस आपूर्ति और मूल्य के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता में स्थापित मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह के सामने पेश करने का आग्रह किया गया है।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी ललित जालान ने ऊर्जा मंत्रालय को भेजे पत्र में कहा, "मार्केटिंग मार्जिन को न तो मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह से और न किसी अन्य प्राधिकरण से मंजूरी मिली है। इसके बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज गैस की बिक्री पर प्रति यूनिट 0.135 डॉलर का अधिभार शामिल कर रही है।"
पत्र में कहा गया है कि अतिरिक्त 0.135 डॉलर प्रति यूनिट सरकार द्वारा निर्धारित कीमत का हिस्सा नहीं है और इससे सरकार को कोई राजस्व नहीं मिल रहा है।
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनटीपीसी ने भी ऊर्जा मंत्रालय से सुनिश्चित करने को कहा है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज की अतिरिक्त उगाही वैध है या नहीं।
अनिल अंबानी के समूह ने पहले मार्केटिंग मार्जिन का भुगतान किया था लेकिन बाद में उसने 15 सितम्बर से इस अतिरिक्त राशि को रिलायंस इंडस्ट्रीज को देने से इंकार कर दिया। समूह ने ऐसे अधिभार को अनधिकृत, अनुचित और अवैध कहा।
रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा ऊर्जा संयंत्र को गैस आपूर्ति स्थगित करने के बाद अनिल के समूह को इस भुगतान को देने को बाध्य होना पड़ा।
उल्लेखनीय है कि अधिकार प्राप्त मंत्रियों के समूह की बैठक 27 अक्टूबर को होने वाली है। इस समिति में पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा, ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे, उर्वरक मंत्री एम.के.अलागिरी और कानून मंत्री एम.वीरप्पा मोइली शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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