अशोक चव्हाण को मुख्यमंत्री पद जन्मदिन का अग्रिम उपहार
मुंबई, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण के लिए बुधवार को उनका 51वां जन्मदिन विशिष्ट होगा। कांग्रेस नेतृत्व ने उनको दूसरी बार मुख्यमंत्री बनाने का फैसला करके अनोखा उपहार दिया है।
पिछले 50 वर्षो में राज्य के 14 मुख्यमंत्रियों में दोबारा पद हासिल करने वाले वे केवल पांचवें मुख्यमंत्री होंगे। इससे पहले केवल विलासराव देशमुख, शरद पवार, वसंतदादा पाटिल और एस.बी.चव्हाण (अशोक चव्हाण के पिता) ही दो बार मुख्यमंत्री बनने में सफल रहे हैं।
यह केवल पहली बार होगा कि पिता और पुत्र दो बार राज्य के मुख्यमंत्री बनेंगे।
मुख्यमंत्री पद के लिए शनिवार को दिन भरे चली खींचतान का अंत रविवार मध्यरात्रि हुआ जब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने विलाराव देशमुख और नारायण राणे जैसे वरिष्ठ लोगों के बदले चव्हाण को ही दोबारा मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया।
पिछले 20 वर्षो से राजनीति के मैदान में जमे चव्हाण की सबसे बड़ी खूबी अपने विरोधियों से भी समायोजन करने की है।
अशोक चव्हाण वर्ष 1987 में पहली बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। उस समय उनके पिता राज्य के मुख्यमंत्री थे। वर्ष 1992 में राज्य विधानपरिषद के लिए निर्वाचित हुए। उन्होंने कनिष्ठ मंत्री के रूप में कई मंत्रालयों का कार्यभार संभाला। वह वर्ष 1995-1999 तक राज्य कांग्रेस के महासचिव रहे।
चव्हाण को वर्ष 2003 में कैबिनेट मंत्री बनाया गया और उन्हें बंदरगाह, परिवहन, उद्योग और सांस्कृतिक मामलों जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय मिले।
राज्य में कांग्रेस के वर्ष 2004 में लगातार दूसरी बार सत्ता में आने पर उन्हें महत्वपूर्ण मंत्रालयों का मिलना जारी रहा।
मुंबई पर 26/11 के आतंकवादी हमले के बाद विलासराव देशमुख को मुख्यमंत्री पद से हाथ धोना पड़ा और उसके बाद चव्हाण को मुख्यमंत्री पद मिला।
अपनी योग्यता साबित करने के लिए चव्हाण को काफी कम समय मिला लेकिन लोकसभा और विधानसभा चुनावों में उन्होंने खुद को साबित कर दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications