महाराष्ट्र के कांग्रेसी नेता बातचीत के लिए दिल्ली तलब
नई दिल्ली/मुंबई, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद के लिए जारी भारी जोड़-तोड़ के बीच कांग्रेस हाईकमान ने पद के तीन दावेदारों अशोक चह्वाण, नारायण राणे और विलासराव देशमुख को चर्चा के लिए दिल्ली तलब किया है।
पार्टी के नवनिर्वाचित 81 विधायकों की बैठक मुंबई में शनिवार को आयोजित की गई। लेकिन अंतिम निर्णय पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के ऊपर छोड़ दिया गया।
कांग्रेस की परंपरा का पालन करते हुए कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक में एक पंक्ति का प्रस्ताव पारित किया गया कि मुख्यमंत्री का चयन सोनिया गांधी करेंगी। यह बैठक विधान भवन में आयोजित की गई।
पार्टी के एक पदाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पद के लिए नवनिर्वाचित विधायकों के विचारों को जानने के लिए एक केंद्रीय दल बैठक के दौरान मौजूद था। इस दल में पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह, रक्षा मंत्री ए.के.एंटनी और राज्यसभा के उपसभापति के.रहमान खान शामिल थे।
कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि बाद में सभी नेता गांधी से मिलने के लिए नई दिल्ली प्रस्थान कर गए।
वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण को हालांकि इस पद के लिए मजबूत दावेदार माना जा रहा है और सोनिया गांधी व पार्टी महासचिव राहुल गांधी का भी उन्हें मौन समर्थन है, फिर भी इस पद के दूसरे प्रबल दावेदार नारायण राणे से उन्हें कड़ा मुकाबला करना पड़ सकता है।
जहां चह्वण को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे का समर्थन प्राप्त है, वहीं राणे को केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री विलासराव देशमुख का अप्रत्याशित समर्थन मिला हुआ है।
शिंदे और देशमुख हालांकि जाहिर तौर पर मुख्यमंत्री की दौड़ से बाहर हैं, लेकिन यदि परिस्थितियां अनुकूल हो तो देशमुख को मुख्यमंत्री पद से परहेज नहीं होगा।
इसके अलावा इस पद के लिए पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष माणिक राव ठाकरे और लंबे समय से इस पद पर उम्मीद लगाए पतंगराव कदम भी दावेदार हैं।
पार्टी सूत्रों का दावा है कि नवनिर्वाचित 81 विधायकों में बहुमत नारायण राणे के पक्ष में है, जबकि दूसरी ओर यह समझा जा रहा है कि चह्वाण ने 30 निर्दलीय विधायकों का समर्थन सुनिश्चित करा लिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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