छठ व्रतियों ने दिया अस्ताचलगामी सूर्य को अघ्र्य (लीड-1)
दिल्ली, चंडीगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड सहित कई प्रदेशों में पूजा को संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्था की गई थी। दिल्ली सरकार ने छठ पूजा के लिए यमुना नदी के 29 घाटों पर व्यवस्था की है। यहां 15 लाख से अधिक लोगों के पूजा करने का अनुमान है। दिल्ली में लगभग 2,000 छठ पूजा समितियों ने पर्व संबंधी इंतजाम किए। इसके अलावा दिल्ली से सटे गुड़गांव, गाजियाबाद, फरीदाबाद, नोएडा आदि इलाकों में लोगों ने छोटी नदियों अथवा नहरों पर घाट बनाकर अस्ताचलगामी सूर्य की पूजा की।
बिहार में अस्त होते भगवान भास्कर को अघ्र्य देने के लिए पवित्र गंगा के तटों, तालाबों, कुओं पर छठ व्रती महिलाएं बड़ी संख्या में इकट्ठी हुईं। गंगा के तट पर हजारों महिलाओं ने छठ का पहला अघ्र्य दिया। इस दौरान पटना सहित बिहार के अन्य शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक की लगभग सभी सड़कें छठ के गीतों से गुंजायमान होती रहीं।
छठ पर्व करने के लिए प्रसिद्घ सूर्यनगरी स्थल औरंगाबाद जिले के देव में भी हजारों छठ व्रतियों ने सूर्य भगवान को पहला अघ्र्य दिया और आर्शीवाद मांगा। इसके पूर्व सभी क्षेत्रों में छठ पूजा समितियों, नगर निगमों द्वारा घाटों, सड़कों और गलियों की साफ-सफाई की गई और पानी का छिड़काव किया गया। स्वयंसेवी संगठनों द्वारा कई स्थानों पर तोरणद्वार भी बनाए गए।
चंडीगढ़ प्रशासन ने छठ पूजा की विशेष व्यवस्था की है। पूजा के लिए सेक्टर 42 स्थित झील में विशेष घाट बनाया गया है, जहां इस बार लगभग 100,000 श्रद्धालुओं के इकट्ठा होने की संभावना है।
चंडीगढ़ प्रशासन के वित्त सचिव संजय कुमार ने कहा, "मैंने शुक्रवार को घाट का दौरा किया और तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों को पूजा स्थल पर सभी प्रकार की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।" कुमार ने कहा कि पूजा स्थल पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। इसके अलावा सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि 'नहाय-खाय' से प्रारंभ छठ पर्व के दूसरे दिन 'खरना' किया जाता है। रविवार को उदीयमान सूर्य को अघ्र्य देने के साथ ही छठ पर्व संपन्न हो जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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