हिंदुओं के साथ मुसलमान भी मना रहे हैं छठ पर्व
पटना, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भाव की भावना को प्रदर्शित करने के लिए बिहार के मुसलमान हिंदुओं के साथ मिलकर राज्य का सबसे बड़ा धार्मिक पर्व मना रहे हैं। छठ पर्व के लिए जहां कुछ मुसलमानों ने व्रत रखा तो वहीं कुछ अन्य मुसलमान नदियों, गलियों को स्वच्छ कर और पूजा के लिए नारियल, फल वितरित कर अपने हिंदू पड़ोसियों की मदद की।
कई मुसलमानों ने इस पर्व के अवसर पर स्वैच्छिक रूप से नदियों के किनारों, तालाबों व अन्य जल संग्रहों और गलियों की साफ-सफाई की है जबकि कुछ ने श्रद्धालुओं के लिए अपने हाथों से मिट्टी के चूल्हे बनाए हैं। कुछ मुसलमानों ने छठ पूजा के लिए गरीब हिंदुओं के बीच फल और नए कपड़े वितरित किए हैं।
शुद्धता के प्रतिरूप के रूप में मनाया जाने वाला चार दिवसीय छठ पर्व दीवाली के बाद आता है। गुरुवार को राज्यभर के श्रद्धालुओं के पारंपरिक स्नान 'नहाय खाय' के साथ ही इस पर्व की शुरूआत हो गई थी।
शुक्रवार को 'खरना' का आयोजन हुआ और शनिवार को डूबते हुए सूर्य को पहला 'अघ्र्य' दिया गया। परंपरा के मुताबिक सूर्य भगवान को अर्पित करने के लिए गेहूं, दूध, गन्ना, केला और नारियल के व्यंजन बनाए गए। रविवार सुबह उगते हुए सूर्य को अघ्र्य देने के साथ पर्व का समापन हो जाएगा।
पटना से 10 किलोमीटर दूर फुलवारीशरीफ पुलिस स्टेशन के तहत बाखो की 30 वर्षीय निवासी तारा खातून लाखों हिंदू महिलाओं की तरह छठ पर्व मना रही हैं।
खातून के पति कल्लू बाखो छठ की परंपराओं के निर्वहन में उनकी मदद कर रहे हैं। परंपरा के मुताबिक व्रत रखे खातून ने आईएएनएस से कहा, "मैं इस साल छठ मना रही हूं क्योंकि पिछले साल छठ के अवसर पर नदी किनारे प्रार्थना करने पर मेरा इकलौता बेटा स्वस्थ हो गया था।"
तारा खातून की तरह ही कई अन्य मुसलमान महिलाएं पूरी श्रद्धा के साथ छठ पर्व मना रही हैं जबकि कुछ मुसलमान लोग इस पर्व में हिंदुओं की मदद कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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