मनमोहन ने किया भारत-आसियान गोलमेज का प्रस्ताव
सातवें भारत-आसियान सम्मेलन को संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि गोलमेज के दौरान ज्ञान का आदान-प्रदान करने के लिए थिंक टैंक, नीति निर्माता, विद्वान, पत्रकार और व्यापार प्रतिनिधि शामिल होने चाहिए।
प्रधानमंत्री ने मुक्त आकाश नीति और वीजा प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए विचार विमर्श करने और भारत तथा आसियान देशों के बीच व्यापार और पर्यटकों के आवागमन को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
उन्होंने भारत और आसियान देशों के बीच सांसदों और युवाओं के आवागमन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
मनमोहन सिंह ने कहा,"हमारा मानना है कि भारत का भविष्य और आर्थिक हित एशियाई सहयोगी देशों के साथ बेहतर समझ से साधे जा सकते हैं।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि भारत और आसियान देशों का द्विपक्षीय व्यापार 2010 तक 50 अरब डॉलर के लक्ष्य तक पहुंच जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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