पाक को सहायता का मकसद 3 देशों को खतरों से बचाना : अमेरिका
वाशिंगटन, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिका ने कहा है कि वह भारत को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार के तौर पर देखता है और धार्मिक आतंकवादियों से तीनों राष्ट्रों के साझा खतरे से निपटने के लिए पाकिस्तान को खुले और पारदर्शी तरीके से सहायता दे रहा है।
यह पूछने पर कि क्या पाकिस्तान को 2.3 अरब डॉलर की सैन्य सहायता देते समय अमेरिका भारत के संपर्क में था, विदेश विभाग के प्रवक्ता इयान केली ने कहा, "पाकिस्तान को हमारी सहायता साझा खतरे से निपटने के लिए है। धार्मिक आतंकवादियों से न केवल पाकिस्तान बल्कि अमेरिका और भारत को भी है।"
यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि नई सैन्य सहायता इस्तेमाल भारत के खिलाफ न हो सके? केली ने कहा, "हमारे पूरे पैकेज को पाकिस्तान की सहायता के लिए साझेदारी की भावना से तैयार किया गया है, जिससे वह चुनौतियों से निपट सके।"
उन्होंने कहा, "भारत के साथ हमारे संबंध रणनीतिक और महत्वपूर्ण है तथा हम पाकिस्तान को बहुत खुले और पारदर्शी तरीके से सहायता दे रहे हैं।"
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को अमेरिकी कांग्रेस ने 680 अरब डॉलर के रक्षा खर्च को मंजूरी दी। इसमें पाकिस्तान को 2.3 अरब डॉलर की रक्षा सहायता भी शामिल है। परंतु इसके साथ ही यह शर्त भी शामिल है कि ओबामा प्रशासन हर छह महीने पर यह रिपोर्ट देगा कि पाकिस्तान तालिबान से लड़ाई के स्थान पर सैन्य सहायता का इस्तेमाल भारत के खिलाफ नहीं कर रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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