नक्सली अपहरण रोकने के लिए पश्चिम बंगाल की नई योजना
औद्योगिक शहर पूर्वी मिदनापुर में 'मित्सुबिशी कैमिकल कोर्पोरेशन पीटीए इंडिया' में पहुंचे राज्य के मुख्य सचिव अशोक मोहन चक्रवर्ती ने पत्रकारों से कहा, "हम कुछ नई योजनाएं बना रहे हैं ताकि राज्य में होने वाली इन घटनाओं को रोका जा सके। हमने सुरक्षा व्यवस्था पहले ही कड़ी कर दी है और पुलिस बल को भी सतर्क कर दिया है।"
नक्सलियों ने संकरेल पुलिस स्टेशन के इंचार्ज अतींद्रनाथ दत्त को बंदूक की नोक पर उनके निवास स्थान से मंगलवार को अगवा कर लिया था। अतींद्रनाथ को छोड़ने के बदले में नक्सलियों ने 14 महिला नक्सलियों की जमानत पर रिहाई की मांग की थी। अदालत के इन महिलाओं को जमानत देने के बदले में गुरुवार शाम को उन्होंने अतींद्रनाथ को छोड़ा था।
चक्रवर्ती ने कहा, "हमें कुछ समय दीजिए। जल्दी ही हम आपको योजनाओं के संबंध में सूचना दे सकेंगे।"
सरकार ने पहले ही खतरनाक इलाकों में काम कर रहे पुलिस अधिकारियों को उनके द्वारा उठाए जा रहे खतरों के लिए अनुदान देने की घोषणा कर दी है।
उन्होंने कहा, "हमने यह भी घोषणा की है कि नक्सलियों द्वारा मारे गए प्रत्येक पुलिस अधिकारी के परिवार के एक सदस्य को उस पुलिस अधिकारी की तनख्वाह जीवन र्पयत तक दी जाएगी। साथ ही राज्य सरकार उन्हें रहने की सुविधा भी देगी।"
चक्रवर्ती ने कहा कि वह लालगढ़ से गायब राज्य पुलिस के दो सिपाहियों के प्रति चिंतित हैं।
राज्य सशस्त्र पुलिस के कंचन गराई और साबिर मोला को नक्सल विरोधी कार्रवाई के लिए लालगढ़ में तैनात किया गया था। 30 जुलाई से इन दोनों सिपाहियों का कोई पता नहीं है। आशंका है कि कहीं नक्सलियों ने ही उन्हें अगवा ना कर लिया हो।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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