अभिलेखीय परामर्श बोर्ड का पुनर्गठन
पहली नवम्बर, 1995 में अपने गठन के बाद से अब तक एबीबी की दस बैठकें हो चुकी हैं। अनुभवों के आधार पर ये सुझाव दिए गए कि बोर्ड का विस्तार किया जाना चाहिए और चूंकि बोर्ड के सदस्यों के रूप में शिक्षाविदों, जो सही रूप में अभिलेखागार का प्रयोग करते हैं, की तुलना में अधिकारी वर्ग की इसमें अधिकता है, इस तथ्य को समझते हुए यह प्रयत्न किया गया कि इस असंतुलन को दूर किया जाए और व्यावसायिक विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, ऐतिहासिक अनुसंधान संस्थानों के प्रमुखों का बोर्ड में समान प्रतिनिधित्व हो।
पुनर्गठित परामर्श बोर्ड में प्रो़ पार्थ चटर्जी, प्रो़ नयनजोत लाहिरी और गैर-सरकारी सदस्य के रूप में डॉ़ आर के पेरती और डॉ शुभ चौधरी, प्रो माजि़द एच सिद्दकी, प्रो़ बिस्वानय पती, प्रो़ लक्ष्मी सुब्रमनियम, प्रो़ शाहिद आमिन, प्रो़ वेंकटाचलपति और विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में प्रो़ सुरंजन दास शामिल किए गए हैं ।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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