एनपीटी की नई व्यवस्था में बड़ा भागीदार बने भारत : हिलेरी
वाशिंगटन, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन का कहना है कि उनका देश परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) की नई व्यवस्था में भारत को एक बड़े भागीदार के रूप में देखना चाहता है।
यहां बुधवार को 'यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस' में परमाणु अप्रसार के मुद्दों पर बोलते हुए हिलेरी ने कहा, "भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौता जिसका मैंने बतौर सीनेटर समर्थन किया था और ओबामा प्रशासन भी इसका समर्थन करता है, उसमें भारत के साथ व्यापक सामरिक वार्ता शामिल है।"
उन्होंने कहा, "मुद्दों के संदर्भ में हम भारत के संबंध को सामूहिक और बहुत गहरा मानते हैं। हमारी इच्छा भारत के साथ मौजूदा और अन्य क्षेत्रों में भी समन्वय बढ़ाने की है।"
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आगामी अमेरिका यात्रा के बारे में हिलेरी ने कहा, "यह बहुत महत्वपूर्ण है कि ओबामा प्रशासन में मनमोहन सिंह का पहला आधिकारिक दौरा है।"
उनसे पूछा गया कि परमाणु समझौते के क्रियान्वयन में बुश प्रशासन की तुलना में क्या ओबामा प्रशासन कुछ अलग करेगा तो उन्होंने कहा, "यकीनन, हमें भारतीयों में और उनके रवैये में भी पूरा विश्वास है।"
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, "हम भारत के साथ निकटता से काम करने जा रहे हैं। समझौते में शामिल रिएक्टर स्थलों के क्रियान्वयन में अमेरिकी कंपनियों को भी शामिल किया जाएगा।"
उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि परमाणु अप्रसार से जुड़े हमारे सभी प्रयासों में भारत भागीदार बने। परमाणु अप्रसार से जुड़ी नई व्यवस्था में शुरुआत से ही भारत को एक बड़ा भागीदार बनना चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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