स्वाइन फ्लू से 4 की मौत, मृतकों की संख्या 431 हुई (राउंडअप)
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान के अनुसार गुरुवार को 112 नए मामले सामने आए। इस तरह देश में इस बीमारी से कुल पीड़ितों संख्या 13,142 हो गई।
महाराष्ट्र में दो और मरीजों ने इस बीमारी से दम तोड़ दिया। आंध्र प्रदेश में एक मरीज की मौत हो गई।
महाराष्ट्र में दो मरीजों की मौत के साथ यहां मृतकों की संख्या 185 हो गई है। आंध्र प्रदेश में अब तक इस बीमारी से 45 लोग दम तोड़ चुके हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि इस सप्ताह की शुरूआत में दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराए गए उड़ीसा के एक स्वाइन फ्लू मरीज की गुरुवार को अस्पताल में मृत्यु हो गई है।
भुवनेश्वर से 515 किलोमीटर दूर स्थित राउरकेला के इस्पात जनरल अस्पताल में मरीज ए. के. भंवर की हालत खराब होने के बाद 18 अक्टूबर को उन्हें अपोलो अस्पताल भेज दिया गया था।
स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक विकास पटनायक ने आईएएनएस से कहा, "आज (गुरुवार को) भंवर की दिल्ली में मृत्यु हो गई।"
उड़ीसा में स्वाइन फ्लू के एक मरीज की पुष्टि होने के बाद से यहां के एक निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था।
गुरुवार को सामने आए नए मामलों में केरल 30, दिल्ली 29, महाराष्ट्र 23, तमिलनाडु 14, उत्तर प्रदेश 4, हरियाणा 3, आंध्र प्रदेश 3 शामिल हैं।
उधर पंजाब में मोहाली के एक अस्पताल में स्वाइन फ्लू से पीड़ित 48 वर्षीय महिला की मौत ने एक विवाद को जन्म दे दिया है। महिला की मौत ने उसके इलाज में अस्पताल कर्मचारियों द्वारा बरती गई प्रक्रियागत अनियमितताओं की ओर संकेत किया है।
हिमाचल प्रदेश के सोलन की रहने वाली वीनू गुप्ता में एच1एन1 वायरस के संक्रमण के लक्षण दिखने पर उन्हें 18 अक्टूबर को सिल्वर ओक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
स्वाइन फ्लू से पीड़ित महिला की मृत्यु पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए अस्पताल कर्मचारियों ने मोहाली के जिला स्वास्थ्य अधिकारी (डीएचओ) को लिखित जवाब भेजा है।
पंजाब में स्वाइन फ्लू के नोडल अधिकारी दीपक भाटिया ने गुरुवार को आईएएनएस से कहा, "मुझे जानकारी मिली है कि अस्पताल के अधिकारियों ने स्वाइन फ्लू से पीड़ित एक महिला की मृत्यु पर डीएचओ को लिखित जवाब भेजा है।"
उन्होंने कहा, "कुछ रिपोर्टों के मुताबिक अस्पताल ने कुछ अनियमितताएं बरती थीं। इनमें संबद्ध अधिकारी को जानकारी न दिया जाना भी शामिल है। आज मैं स्वयं इस रिपोर्ट को पढ़ूंगा। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की योजना बनेगी।"
अस्पताल सूत्रों का कहना है कि चिकित्सक स्वाइन फ्लू का इलाज करने की बजाए महिला का फेंफड़ों में संक्रमण का इलाज कर रहे थे। मरीज के नमूनों को जांच के लिए भेजने से पहले न तो उसे एक अलग कक्ष में रखा गया था और न ही इसके संबंध में डीएचओ को जानकारी दी गई थी।
भाटिया ने कहा, "हम इस संबंध में सरकार को भी जानकारी देंगे। यदि जांच में अस्पताल कर्मचारियों को दोषी पाया जाता है तो उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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