नक्सलियों ने पुलिस अधिकारी को रिहा
कोलकाता, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले में मंगलवार को अगवा किए गए पुलिस अधिकारी अतींद्रनाथ दत्ता को नक्सलियों ने गुरुवार शाम को रिहा कर दिया। इससे पहले नक्सलियों ने पुलिस अधिकारी की हत्या करने की धमकी दी थी।
पश्चिम मिदनापुर के संकरैल थाने पर हमला करके नक्सलियों ने पुलिस अधिकारी अतींद्रनाथ दत्ता को मंगलवार को अगवा कर लिया था।
इससे पहले पश्चिम मिदनापुर जिला अदालत ने गुरुवार को दिन में 14 जनजातीय महिलाओं को रिहा कर दिया। नक्सलियों की दत्ता की रिहाई के बदले यह भी एक शर्त थी। पुलिस ने इन महिलाओं को लालगढ़ क्षेत्र से नक्सलियों के साथ संबंध रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक भूपिंदर सिंह ने पत्रकारों को बताया कि अंतींद्रनाथ दत्ता रिहाई के बाद अपने घर रवाना हो गए हैं।
राज्य के मुख्य सचिव अशोक मोहन चक्रबर्ती ने पुलिस अधिकारी के पिता अशोक दत्ता से बात कर उनको रिहाई की जानकारी दी।
बेटे की रिहाई के बाद सुकून की सांस लेने वाले अशोक दत्ता ने पत्रकारों को बताया, "मुझे बताया गया है कि मैं कुछ समय के बाद उनसे बात कर सकता हूं।"
अशोक दत्ता ने मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य और प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी (सीपीआई-माओवादी) के शीर्ष नेता कोटेश्वर राव से अपने बेटे की रिहाई की अपील की थी।
अशोक दत्ता ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा," हमें प्रशासन से काफी मदद मिली।"
मुख्य सचिव भी पुलिस अधिकारी की रिहाई से खुश नजर आए। उन्होंने कहा," अब हम राहत महसूस कर रहे हैं। पिछले दो दिन हमारे लिए बेहद तनावपूर्ण गुजरे हैं। हमने उनको रिहा करने कराने के लिए हर संभव प्रयास किए।"
मंगलवार को मोटरसाइकिल पर सवार करीब 50 नक्सलियों ने बंदूक की नोक पर दत्ता के घर से उनका अपहरण कर लिया था। नक्सली दत्ता को संकरैल थाने पर ले गए जहां उन्होंने उपनिरीक्षक दिबाकर भट्टाचार्य और सहायक उपनिरीक्षक स्वपन राय की गोली मार कर हत्या कर 19 बंदूकें लूट ली थीं। इसके बाद नक्सली दत्ता को साथ लेकर अपने ठिकाने की ओर चले गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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