विरोध के बीच बंद हुआ दिल्ली का दो शताब्दी पुराना कसाईखाना
सालों से हजारों लोगों को रोजगार देने वाले इस दो शताब्दी पुराने कसाईखाने को बंद कर पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर में एक नया उच्च तकनीक युक्त कसाईखाना शुरू किया गया है।
एमसीडी के प्रवक्ता दीप माथुर ने आईएएनएस से कहा, "उच्चतम न्यायालय ने गोश्त व्यापारियों की कसाईखाने को 28 नवंबर, ईद-उल-जुहातक खोले रखने की मांग को ठुकरा दिया है। हम ईदगाह कसाईखाने को बंद कर रहे हैं लेकिन गाजीपुर कसाईखाने में यह काम शुरू हो जाएगा।"
ईदगार के कसाईखाने पर ताला लगने से एक दिन पहले पहाड़गंज स्थित शाही ईदगाह प्रार्थना स्थल पर इसके विरोध में हजारों लोग इकट्ठे हो गए थे। इस इलाके में बसे कई गोश्त व्यापारियों और वितरकों का कहना है कि इस कसाईखाने को बंद करके उनके जीविका के साधन को जड़ सहित उखाड़ दिया गया है।
पहाड़गंज क्षेत्र के एक गोश्त विक्रेता मोहम्मद आसिफ का कहना है, "हमारे सामने दो ही विकल्प हैं या तो हम नए स्थान पर जाकर व्यापार करें या नए कसाईखाने में जाने के लिए वहां तक की यात्रा करें और किराए में पैसा खर्च करें।"
एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है, "नया कसाईखाना शुरू होने और यहां का कसाईखाना बंद होने से इस इलाके में जानवरों को मारने की गैरकानूनी प्रक्रियाओं पर रोक लग सकेगी।"
माथुर ने कहा, "हम न्यायालय के दिशा निर्देशों पर ऐसा कर रहे हैं। यह बहुत भीड़ भरा संकुचित इलाका है जबकि नया कसाईखाना बेहतर स्थितियों में है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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