एचआईवी/एड्स विधेयक पर स्वास्थ्य मंत्रालय से चर्चा करेंगे मोइली
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा है कि वह एचआईवी/एड्स विधेयक के नए मसौदे पर स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ विचार विमर्श करेंगे।
मरीजों और सामाजिक संगठन प्रस्तावित विधेयक में कुछ अहम प्रावधान न होने का विरोध कर रहे हैं।
एचआईवी पॉजिटिव छह सदस्यों के दल के साथ गुरुवार को मोइली से मुलाकात करने वाले 'लायर्स कलेक्टिव' के रमन चावला ने कहा कि मंत्री ने उन्हें जल्द से जल्द मतभेद दूर करने का आश्वासन दिया है।
चावला ने आईएएनएस को बताया,"कानून मंत्रालय ने 38 मुख्य प्रावधान हटाने के बाद एचआईवी/एड्स विधेयक का तीसरा मसौदा तैयार किया है। पॉजीटिव पीपुल नेटवर्क मुख्य प्रावधानों को विधेयक में शामिल करने की मांग करता रहा है। इसलिए हमने मोइली को बताया कि विधेयक में इन प्रावधानों को शामिल करने के बाद इसे संसद द्वारा पारित किया जाना चाहिए।"
चेन्नई नेटवर्क ऑफ पॉजीटिव पीपुल के डायसी डेविड ने विधेयक केमसौदे के बारे में कहा यह विधेयक का पहला मसौदा है जिसे हम संसद द्वारा पारित कराना चाहते हैं। डेविड मोइली के साथ मुलाकात करने वाले प्रतिनिधि मंडल के साथ शामिल थे।
दिल्ली नेटवर्क ऑफ पॉजीटिव पीपुल के सदस्य प्रदीप दत्ता ने कहा कि विधेयक के मसौदे से जो सबसे अहम प्रावधान हटाया गया है वह एचआईवी रोगी को आपात चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के बारे में था।
दत्ता ने आईएएनएस को बताया," कई बार आपात स्थिति होने के बावजूद अस्पतालों में एड्स रोगी को इलाज नहीे मुहैया कराया जाता है। इसलिए हम एक ऐसे स्वास्थ्य अधिकारी की नियुक्ति चाहते हैं जो ऐसी स्थिति आने पर 24 घंटे के अंदर इलाज मुहैया कराने का आदेश दे सके।
उन्होंने कहा, "कई बार हम देखते हैं कि ऐसे बच्चे जिनके एड्स रोगी अभिभावकों की मुत्यु हो जाती है, को पारिवारिक संपत्ति के अधिकार से वंचित रखा जाता है। इसलिए एड्स रोगी के बच्चों का संपत्ति का अधिकार सुरक्षित रखने से संबंधित प्रावधान विधेयक में होना चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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