विधानसभा चुनाव : तीनों राज्यों में कांग्रेस सरकार बनाने के करीब
महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिव सेना गठबंधन ने अपनी हार स्वीकार कर ली है। ऐसे में कांग्रेस-राकांपा गठबंधन लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के बेहद करीब पहुंच चुका है।
प्राप्त ताजा आंकड़ों के मुताबिक कांग्रेस-राकांपा गठबंधन 46 सीटों पर जीत चुका है और 95 सीटों पर उसने बढ़त बनाई हुई है जबकि भाजपा-शिव सेना गठबंधन 22 सीटें जीत चुका है और उसने 78 सीटों पर बढ़त बना रखी है।
महाराष्ट्र में कांग्रेस-राकांपा गठबंधन को 140 के आसपास सीटें मिल सकती है जबकि भाजपा-शिव सेना गठबंधन 100 के आसपास सिमटता दिख रहा है।
नतीजों व रूझानों के मुताबिक महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को अच्छी सफलता मिलती दिख रही है। शिव सेना के पारम्परिक वोटबैंक में सेंध लगाने में वह बहुत हद तक सफल होती दिख रही है। मनसे ने इस साल लोकसभा चुनाव में भी शिव सेना को काफी नुकसान पहुंचाया था।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि राज्य में फिर से कांग्रेस-राकांपा गठबंधन की सरकार बनेगी और इस बार कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरेगी।
भाजपा और शिव सेना के नेताओं ने अपनी हार स्वीकार कर ली है। राज्य में पार्टी के चुनाव अभियान का नेतृत्व करने वाले भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे ने कहा, "हम 110 से अधिक सीटें हासिल नहीं कर सकेंगे और हम हार अपनी स्वीकार करते हैं।"
राज्य में पार्टी की हार के बारे में मुंडे ने कहा, "मनसे के कारण मुंबई में हमारी हार हुई है।" मुंबई में विधानसभा की 36 सीटें हैं।
उधर, हरियाणा में कांग्रेस इतिहास रचने के करीब पहुंच गई है। विधानसभा की 90 सीटों पर जारी मतगणना के नतीजों और रुझानों से लगता है कि सत्ताधारी कांग्रेस बहुमत की ओर बढ़ रही है।
हरियाणा में यदि कांग्रेस सरकार बना लेती है तो राज्य के इतिहास में यह पहला मौका होगा जब किसी सत्ताधारी दल की चुनावों के बाद दोबारा ताजपोशी होगी।
निर्वाचन आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक कांग्रेस ने 22 सीटें जीत ली है कि 19 सीटों पर वह बढ़त बनाए हुए है। फरवरी 2005 में हुए विधानसभा चुनाव पार्टी ने 67 सीटों पर जीत दर्ज की थी।
राज्य के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा है कि कांग्रेस बहुमत तो प्राप्त कर लेगी लेकिन उसे जैसे प्रदर्शन की उम्मीद थी वह वैसा प्रदर्शन नहीं कर सकी।
उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "परिणाम हमारी अपेक्षा के अनुरूप नहीं हैं लेकिन फिर भी हम कांग्रेस राज्य में इतिहास बनाने जा रही है। हम समीक्षा करेंगे कि हमें उम्मीद के मुताबिक सीटें क्यों नहीं मिली।"
राज्य में मुख्य विपक्षी इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) का प्रदर्शन अपेक्षा से बेहतर नजर आ रहा है। उसने 18 सीटें जीत ली हैं और 12 पर वह बढ़त बनाए हुई है। वर्ष 2005 में पार्टी ने केवल नौ सीटों पर जीत दर्ज की थी।
अरूणाचल प्रदेश में विधानसभा की 60 में से 57 सीटों पर गुरुवार को जारी मतगणना में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने बढ़त बना रखी है और वह फिर से सरकार बनाने के बेहद करीब पहुंच गई है।
अब तक प्राप्त जानकारी के मुताबिक कांग्रेस वहां 21 सीटें जीत चुकी है और 10 सीटों पर वह आगे चल रही है।
मुख्यमंत्री दोरजी खांडू सहित कांग्रेस के तीन उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं। शेष 57 सीटों के लिए 13 अक्टूबर को मतदान हुआ था। इसमें 750,000 मतदाताओं में से 72 फीसदी ने मतदान किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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