इस्लामाबाद विस्फोट में मरने वालों की संख्या 6 हुई (लीड-4)
इन विस्फोटों में 13 व्यक्तियों के घायल होने की भी खबर है।
इंटरनेशनल इस्लामिक युनिवर्सिटी में दो आत्मघाती हमले ऐसे समय पर किए गए हैं, जब पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा तालिबानी आतंकवादियों के खिलाफ अभियान छेड़े जाने के बाद विश्वविद्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।
मिनट भर के अंतराल पर हुए इन बम विस्फोटों से पूरे परिसर में दहशत फैल गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ताहिर आलम के अनुसार दोनों आत्मघाती विस्फोट इस्लामाबाद के सेक्टर एच-11 में स्थित विश्वविद्यालय के छात्रों और छात्राओं के परिसरों में हुए।
पहला धमाका छात्राओं के कैफेटेरिया में हुआ। हमलावर ने छात्राओं से खचाखच भरे कैफेटेरिया में जाकर बम विस्फोट कर दिया। उसके बाद दूसरा विस्फोट शरिया एकेडेमिक ब्लॉक में हुआ।
अहमद हसन नाम के एक प्रत्यक्षदर्शी ने एक्सप्रेस टीवी को बताया कि एक व्यक्ति यह कहकर विश्वविद्यालय परिसर में दाखिल हुआ कि उसे वहां कुछ सामान पहुंचाना है। उसके बाद उसने खुद को उड़ा दिया।
पुलिस ने मौके से एक संदिग्ध को भी गिरफ्तार किया है। टेलीविजन पर घटनास्थल पर फर्श पर बिखरे कांच और दीवारों पर खून के धब्बे की तस्वीरें दिखाई गई हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विस्फोटों के समय विश्वविद्यालय में 3000 से 4000 विद्यार्थी मौजूद थे।
पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री रहमान मलिक ने कहा है कि हमले में छह लोग मारे गए हैं। इसमें दो आत्मघाती हमलावर, दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं।
तालिबान आतंकियों के जवाबी हमलों के डर से सेना द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों को कम से कम एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया है।
घायलों में दो छात्र और 11 छात्राएं हैं। घायलों में चार की हालत नाजुक बनी हुई है। डॉन ने खबर दी है कि घायलों में एक विदेशी छात्र भी हैं।
तालिबानी लड़ाकों की ओर से जवाबी कार्रवाई की आशंका को देखते हुए सशस्त्र बलों के शैक्षिक संस्थान कम से कम सप्ताह भर के लिए बंद कर दिए गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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