मनमोहन और जियाबाओ के बीच थाइलैंड में होगी महत्वपूर्ण बैठक (लीड-1)
मनमोहन सिंह की थाईलैंड यात्रा के पूर्व विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) एन.रवि ने नई दिल्ली में संवाददाताओं को बताया, "हम चीनी नेता के साथ बैठक की योजना तैयार कर रहे हैं। बैठक के दौरान आपसी हित के सभी विषयों पर चर्चा होगी।"
उधर बीजिंग में सहायक विदेश मंत्री हू झेनगियू ने संवाददाताओं को बताया कि जियाबाओ और मनमोहन सिंह के बीच थाईलैंड में मुलाकात होगी और मुलाकात के दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
हू ने कहा, "दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच प्रस्तावित यह बैठक बहुत महत्वपूर्ण है। हमारे द्विपक्षीय संबंधों में अच्छी प्रगति हुई है और हम उम्मीद करते हैं कि इस स्थिति को बरकरार रखा जा सकता है।"
दोनों देशों के बीच कई सारे मुद्दों पर परस्पर आरोप-प्रत्यारोप के मद्देनजर मनमोहन सिंह और वेन के बीच यह मुलाकात काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
दोनों नेताओं की इस मुलाकात के बाद विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा और चीनी विदेश मंत्री यांग जीची के बीच बेंगलुरू में 27 अक्टूबर को आयोतिज भारत, चीन और रूस के विदेश मंत्रियों की त्रिपक्षीय बैठक के मौके पर बातचीत होगी।
एक आधिकारिक सूत्र ने कहा है कि दोनों नेताओं के बीच बैठक के दौरान सीमा विवाद, व्यापार व अरूणाचल प्रदेश सहित सभी मुद्दों पर चर्चा होगी।
मनमोहन सिंह शुक्रवार को थाईलैंड के लिए रवाना होंगे। अपनी तीन दिवसीय यात्रा के दौरान वह दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के समूह (आसियान) और आसियान में शामिल 10 देशों सहित 16 देशों के पूर्वी एशिया समूह के एक सम्मेलन में शिरकत करेंगे।
प्रधानमंत्री शनिवार को बैंकाक से 200 किलोमीटर दूर समुद्री तट पर बसे 'हुआ हिन' रिसोर्ट में सातवें आसियान सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
रवि ने कहा, "भारत और आसियान देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत होगी।"
उल्लेखनीय है कि आसियान में इंडोनेशिया, मलेशिया, थाइलैंड, फिलीपींस, सिंगापुर, लाओस, कंबोडिया, वियतनाम, म्यांमार और ब्रुनेई शामिल हैं।
प्रधानमंत्री पूर्वी एशिया के चौथे शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। इस अनौपचारिक समूह में आसियान के 10 देशों के अलावा चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, भारत, आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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