वायुसेना कमांडरों का सम्मेलन शुरू
कमांडरों को सम्बोधित करते हुए वायुसेनाध्यक्ष ने व्यापक क्षमताएं अर्जित करने के वायुसेना के अपने दृष्टिकोण को सामने रखा और वायुसेना के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं की तरफ ध्यान दिलाया। आधुनिकीकरण प्रक्रिया में वर्तमान परिसम्पत्तियों के संरक्षण, रख-रखाव, उन्नयन और सुधार के साथ-साथ शीघ्र अधिग्रहण और प्रतिस्थापन के मामलों की प्रक्रिया शामिल होगी।
उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना जाल (नेट) केन्द्रीयता की ओर तेजी से कदम बढ़ा च़ुकी है और सूचना साइबर स्पेश तथा एयर स्पेश के पूरे उद्देश्य को प्राप्त करने की ओर अग्रसर है। उन्होंने जोर दिया कि वायुसेना वायु सैनिकों को प्रशिक्षण जारी रखने और 37,000 टन वार्षिक प्रेषण के अलावा अपेक्षित क्षमताओं के सृजन के लिए अन्य सेवाओं के साथ मुख्य प्रतिस्पर्धाओं को तेज करना जारी रखेगी।
कमांडरों का सम्मेलन वायुसेना कमांड के एयर आफिसर्स कमांडिग इन चीफ की आंकड़े आधारित समीक्षा को भी देखेगा।
सम्मेलन में वायुसेना के शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया, जिसमें आईएएफ कमांड के एयर आफिसर्स कमांडिग इन चीफ और वायुसेना मुख्यालय के प्रधान स्टाफ ऑफिसर्स शामिल हुए। कमांडरों के सम्मेलन के दौरान वायुसेना के समक्ष संचालन में आने वाली चुनौतियों पर विचार विमर्श किया गया। इसके अलावा उड़ान सुरक्षा, रख-रखाव, प्रशासकीय और संचार-तंत्रीय मुद्दे जो वायु सेना के प्रभावी संचालन को बाधा पहुंचाते हैं, पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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