दो नवंबर को विश्व न्यूमोनिया दिवस
न्यूमोनिया के खिलाफ वैश्विक गठबंधन के अनुसार न्यूमोनिया के कारण प्रति वर्ष पांच वर्ष की उम्र के 20 लाख बच्चे मौत के मुंह में समा जाते हैं। यह संख्या एड्स, खसरा और मलेरिया से सामूहिक रूप से होने वाली मौतों से भी अधिक है।
एशियाई न्यूमोनियाजन्य रोग निरोधक रणनीतिक गठबंधन (एएसएपी) की भारतीय इकाई के अध्यक्ष नितिन शाह ने कहा है, "टीकाकरण के जरिए न्यूमोनिया को व्यापक पैमाने पर रोका जा सकता है। विश्व न्यूमोनिया दिवस मनाने के पीछे मूल मकसद दुनिया के अति कमजोर देशों को आवश्यक चिकित्सकीय सुविधा मुहैया कराना है।"
भारत में दुनिया के 27 प्रतिशत न्यूमोनिया के मामले हैं। इसके बाद अफगानिस्तान, चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश का स्थान है। अफ्रीका और एशिया में न्यूमोनिया के कारण होने वाली मौतों की संख्या सबसे अधिक है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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