नियंत्रण रेखा के पार व्यापार के एक साल पूरे
ज्ञात हो कि नियंत्रण रेखा के पार व्यापार को पिछले वर्ष 21 अक्टूबर को जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल एन.एन.वोहरा ने उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में सीमावर्ती उरी कस्बे के पास स्थित सलामाबाद व्यापारिक केंद्र में हरी झंडी दिखाई थी।
यद्यपि पूरे वर्ष तक चला यह व्यापार शांतिपूर्ण रहा, लेकिन यह उतना महत्वपूर्ण इसलिए नहीं बन पाया क्योंकि यह पूरी तरह विनिमय आधारित रहा। यानी नियंत्रण रेखा के दूसरी ओर भेजे गए सामानों की कीमत के बदले वहां से दूसरे सामानों को वापस भेजा जाता रहा है।
श्रीनगर के एक व्यापारी ने कहा, "हमारे पास बैंक खातों, टेलीफोन, बही-खातों को दुरुस्त करने जैसी आधुनिक व्यापारिक सुविधाएं नहीं हैं। हम मध्ययुगीन पद्धति से व्यापारिक गतिविधियां चला रहे हैं।"
राज्य के उद्योग व वाणिज्य मंत्री सुरजीत सिंह स्लाथिया ने स्थानीय व्यापारियों के संगठन चैम्बर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के सदस्यों और सलामाबाद-चाकोटी व्यापार संघ के पदाधिकारियों के साथ सलामाबाद व्यापारिक केंद्र पर आयोजित समारोह में हिस्सा लिया और नियंत्रण रेखा के पार व्यापार को और अर्थपूर्ण बनाने के उपायों पर चर्चा की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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