पाटिल के बारे में महीने भर पहले मिली थी खुफिया जानकारी
राज्य गृह विभाग के सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि वर्ष 2008 में हुए ठाणे विस्फोट के सिलसिले में आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की जांच में पाटिल का नाम सामने आया था और उसके बारे में गोवा पुलिस को सूचना दी गई थी।
पाटिल सितंबर महीने में गोवा स्थित सनातन संस्था के आश्रम और महाराष्ट्र के सांगली-मिराज के बीच कई बार आया-गया। सितंबर में ही सांगली में दंगा भड़का था। इसी दौरान उस पर केंद्रीय एजेंसियों की नजर पड़ी। इसके बाद एजेंसियों ने गोवा पुलिस के अपराध जांच विभाग को पाटिल के बारे में सूचित कर दिया था।
गोवा के गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, "ऐसे में जब मडगांव विस्फोट की साजिश रची जा चुकी थी तो क्या पुलिस की ओर से पाटिल पर कड़ी निगरानी रखी जा रही थी।"
एक स्थानीय मीडिया ने पोंडा में आश्रम के रिसेपस्निस्ट और उप पुलिस निरीक्षक प्रकाश गिरि के बीच टेलीफोन पर हुई वार्तालाप को प्रकाशित किया था। इसमें गिरि कहता है कि उसे पाटिल अच्छी तरह जानता है।
उप पुलिस महानिरीक्षक आर. एस. यादव ने भी इस बातचीत की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि गिरि ने विदेशी योगदान नियामक अधिनियम (एफसीआरए) के बारे में पूछताछ के लिए आश्रम में फोन किया था।
गौरतलब है कि शुक्रवार शाम विस्फोट उस समय हुआ था जब पाटिल और उसका साथी योगेश नाइक एक दोपहिया वाहन पर सवार होकर विस्फोटक ले जा रहे थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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