वाईएसआर की मौत पर बंटी कांग्रेस
प्रदेश की सत्ताधारी कांग्रेस इस मुद्दे पर ठीक उसी तरह बंटी हुई है जैसे वह वाईएसआर के बेटे जगनमोहन को मुख्यमंत्री बनाने के मसले पर बंटी हुई है।
मुख्यमंत्री के. रोसैया ने मंगलवार को कहा कि जांच एजेंसियां इस नजरिए से भी वाईएसआर की मौत की जांच कर रही है कि कहीं यह षडयंत्र तो नहीं था।
मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद हम सभी ने सोचा कि यह एक हादसा था लेकिन चूंकि कुछ लोगों ने शंका जाहिर की है इसलिए सच्चाई सामने आनी चाहिए। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) भी इस नजरिए से जांच कर रहा है।"
उल्लेखनीय है कि कुछ वाईएसआर समर्थकों ने संदेह व्यक्त किया था कि यह दुर्घटना एक हादसा था।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता अम्बाती रामबाबू ने यह जांच कराए जाने की मांग की है कि मुख्यमंत्री के पास जब नया हेलीकॉप्टर था तो उन्हें14 वर्ष पुराने हेलीकॉप्टरका इस्तेमाल करने क्यों दिया गया।
हाल ही में तेलुगु चैनल साक्षी ने दावा किया था कि वाईएसआर की मौत एक षडयंत्र था। बहरहाल, कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य में छिड़ी इस बहस पर गहरी आपत्ति जताई है।
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने नई दिल्ली में कहा, "ऐसी अफवाहें अब थमनी चाहिए। एक दुखद घटना में हमने अपना एक वरिष्ठ नेता खो दिया है।"
निजामाबाद से कांग्रेस सांसद मधु याक्षी गौड़ ने कहा है कि गृह मंत्री सविता इंद्रा रेड्डी और सरकार के सलाहकार के. वी. पी. रामचंद्र को इस दुर्घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए।
इस पर अपनी प्रतिक्रिया में रेड्डी ने कहा कि यह हादसा था या षडयंत्र, यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा। जांच एजेंसियों की रिपोर्ट आने के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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