रविवार को ही हो गया था अस्थाना का अंतिम संस्कार (राउंडअप)
गाजियाबाद के क्षेत्राधिकारी (प्रथम) आर.के.गौतम ने कहा, "अस्थाना का अंतिम संस्कार रविवार की शाम 6.30 बजे हो गया था। अस्थाना की पत्नी सुषमा अस्थाना भी अंतिम संस्कार में शामिल थी।"
गौतम ने आईएएनएस से कहा, "यद्यपि शव का अंत्यपरीक्षण पहले ही हो गया था, लेकिन उसकी पत्नी को जेल से पांच बजे रिहा किया गया। इसलिए 6.30 बजे शव का अंतिम संस्कार किया जा सका।" मामले में अस्थाना की पत्नी भी सह आरोपी है।
इधर न्यायमूर्ति डी.के.जैन और न्यायमूर्ति एच. एल. दत्त की पीठ ने वरिष्ठ वकील अनिल दीवान की याचिका पर सुनवाई के दौरान सोमवार को यह फैसला सुनाया कि शव का अंतिम संस्कार अगले आदेश तक रोक दिया जाए। दीवान ने कहा था कि अस्थाना की संदेहास्पद मौत की स्वतंत्र रूप से जांच होनी चाहिए।
अस्थाना की मौत शनिवार को गाजियाबाद की डासना जेल में हो गई थी।
दीवान ने अदालत से कहा कि अस्थाना के अंतिम संस्कार को लेकर आई रिपोर्टो के संदर्भ में कुछ अनिश्चितता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि यदि अस्थाना का अंतिम संस्कार न किया गया हो तो उसे अगले आदेश तक रोकने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को आदेश देना चाहिए। दीवान की इस मांग को न्यायालय ने स्वीकार कर लिया। मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को होगी।
गाजियाबाद जिला अदालत में एक लिपिक के रूप में कार्यरत अस्थाना जिला अदालत के कोषागार से सामाजिक सुरक्षा कोष की 230 करोड़ रुपये की राशि अनधिकृत तरीके से निकाले जाने के मामले का मुख्य आरोपी था। यह धनराशि वर्ष 2000 और 2008 के बीच निकाली गई थी।
प्रारंभिक जांच के बाद गाजियाबाद पुलिस ने इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया था।
उधर, अस्थाना की डासना जेल में हुई रहस्यमय मौत की उसके परिवार के सदस्यों ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि आशुतोष की मौत सहज नहीं है, बल्कि हिरासत में उसकी हत्या की गई है।
अस्थाना के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कोई निर्णायक सबूत न मिलने पर यह पूरा मामला संदेहास्पद बना हुआ है। उनकी आंत के नमूनों को आगे की जांच के लिए भेजा गया है। पांच चिकित्सकों द्वारा किए गए पोस्टमोर्टम की वीडियो रिकॉर्डिग भी की गई थी लेकिन अस्थाना की मृत्यु का कारण पता नहीं चल सका है।
सूत्रों का कहना है कि केवल आंत की जांच से ही पता चलेगा कि अस्थाना के जहर खाने का चिकित्सकों का अनुमान सच है या नहीं। दो दिन पहले ही अस्थाना के अचानक अचेत हो जाने के बाद जेल अधिकारी उसे अस्पताल ले गए थे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया था।
गाजियाबाद जिला पुलिस प्रमुख अखिल कुमार का कहना है कि पुलिस आंत की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और इस रिपोर्ट के आ जाने के बाद ही जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
16 फरवरी 2008 को गाजियाबाद के कविनगर पुलिस स्टेशन में 83 लोगों के खिलाफ दर्ज एक मामले में 39 अन्य आरोपियों के साथ आशुतोष अस्थाना को भी गिरफ्तार किया गया था। वह पिछले 20 महीनों से डासना जेल में कैद था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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