महाराष्ट्र में पूर्व में हुए विस्फोटों जैसा ही है गोवा विस्फोट : पुलिस (राउंडअप)
इस बीच गोवा सरकार सनातन संस्था पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना रही है और सरकार ने राज्य के परिवहन मंत्री की पत्नी के इस संस्था के संबंधों की जांच शुरू कर दी है।
राज्य के महाधिवक्ता सुबोध कंटक ने पत्रकारों से चर्चा में कहा है, "राज्य सरकार सनातन संस्था पर प्रतिबंध लगाने की सोच रही है। इस बारे में मंगलवार को फैसला किया जाएगा।"
उन्होंने कहा, "हम यह विचार कर रहे हैं कि प्रतिबंध केंद्रीय हो या फिर राज्य की ओर से।"
पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) आर.एस.यादव ने पुलिस मुख्यालय में सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, "ठाणे, वाशी और पनवेल में हुए विस्फोटों में इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों में और गोवा विस्फोट में इस्तेमाल किए गए विस्फोटक में समानताएं हैं।"
यादव ने कहा कि गोवा विस्फोट में तारा गया आरोपी मालगोंडा पाटिल महाराष्ट्र के विस्फोटों के सिलसिले में गिरफ्तार विक्रम विनय भावे के संपर्क में था।
यादव ने कहा, "हमने आश्रम के प्रबंध ट्रस्टी वीरेंद्र मराठे सहित आश्रम के कई वरिष्ठ सदस्यों से पूछताछ की है। पुलिस ने संगठन के संस्थापक जयंत आठवले से भी मुलाकात की है। वह लंबी बीमारी से जूझ रहे हैं।"
इस बीच यादव ने इस बात का खुलासा किया कि मालगोंडा पाटिल के साथ घायल हुआ उसका साथी योगेश नाइक अभी जिंदा है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
इसके पहले राज्य के गृह मंत्री रवि नाइक ने सोमवार को कहा था कि राज्य के परिवहन मंत्री की पत्नी के साथ 'सनातन संस्था' के संबंधों की जांच की जाएगी।
इस बीच गोवा पुलिस ने इस मामले में सनातन संस्था से कथित तौर पर संबध रखने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। हालांकि गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान का ब्योरा नहीं दिया गया है।
दूसरी ओर कांग्रेस ने पुलिस से कहा कि वह इस बात की भी जांच करे कि कहीं इस विस्फोट का निशाना मुख्यमंत्री दिगंबर कामत तो नहीं थे।
गृह मंत्री नाइक ने कहा, "हम हर किसी की जांच कर रहे हैं। हम जानते हैं कि ज्योति धवलीकर सनातन संस्था से जुड़ी हुई हैं, लेकिन उनका जुड़ाव किस हद तक है, यह हमें नहीं पता है। मैंने पुलिस से इसकी जांच करने के लिए कहा है।"
ज्ञात हो कि गोवा के परिवहन मंत्री रामकृष्ण उर्फ सुदीन धवलीकर महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) के विधायक हैं और कांग्रेस नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के हिस्सा हैं। सुदीन के भाई दीपक धवलीकर भी एमजीपी के विधायक हैं।
मडगांव में सोमवार को संवाददाताओं को संबोधित करते हुए गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जीपीसीसी) के प्रवक्ता रमाकांत खलप ने कहा कि पुलिस को मामले की तह तक जाना चाहिए और चाहे कोई कितना भी ताकतवर क्यों न हो, उसे छोड़ना नहीं चाहिए।
पूर्व केंद्रीय कानून राज्यमंत्री खलप ने संवाददाताओं से कहा, "हमने पुलिस से यह भी कहा है कि वह इस बात की भी जांच करे कि सनातन संस्था के सदस्यों द्वारा मडगांव में किए गए विस्फोट का निशाना कहीं मुख्यमंत्री दिगंबर कामत तो नहीं थे।" मडगांव मुख्यमंत्री कामत का गृह नगर है।
इस बीच राज्य के लोक निर्माण मंत्री चर्चिल अलेमाओ ने मांग की कि यदि गोवा विस्फोट में सनानत संस्था का हाथ पाया जाता है तो उसे प्रतिबंधित कर देना चाहिए।
सोमवार को अपराह्न् संवाददाताओं के साथ बातचीत में अलेमाओ ने कहा, "यदि सनातन संस्था को दोषी पाई जाती है तो उसे प्रतिबंधित कर दिया जाना चाहिए। उसे इस तरह की समाज विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। यदि कोई राजनेता इसमें शामिल हो तो उसे भी दंडित किया जाना चाहिए, चाहे वह मेरा कैबिनेट सहयोगी ही क्यों न हो।"
मडगांव विस्फोट मामले की जांच में महाराष्ट्र का आतंकवाद निरोधक दस्ता भी पुलिस का सहयोग कर रहा है। पणजी से 30 किलोमीटर दूर स्थित मडगांव कस्बे के नेसाई स्थित संस्था के कार्यालय की पुलिस ने तलाशी ली है।
बम विस्फोट मामले की गुत्थी जल्द से जल्द सुलझाने के लिए राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।
इससे पहले पुलिस संगठन के पांच व्यक्तियों को हिरासत में ले चुकी थी। इनकी गतिविधियों पर पुलिस की कड़ी नजर थी।
दूसरी ओर सनातन संस्था ने सोमवार को इस घटना से अपना पल्ला झाड़ लिया।
संस्था के पदाधिकारी व प्रवक्ता अभय वर्तक ने संवाददाताओं से चर्चा में कहा, "हम कोई आतंकवादी संगठन नहीं हैं। गोवा विस्फोट मामले में हमारा नाम जोड़े जाने के पीछे एक षडयंत्र है।"
उन्होंने कहा, "गोवा विस्फोट से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। इस सिलसिले में अभी तक हमारे किसी भी सदस्य को गिरफ्तार भी नहीं किया गया है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि सनातन संस्था एक सामाजिक व सांस्कृतिक संगठन है।
वर्तक ने हालांकि यह स्वीकार किया कि जिस स्कूटर पर विस्फोटक ले जाए जा रहे थे वह संस्था का था लेकिन ऐसा लगता है कि किसी ने उसमें विस्फोटक रख दिए थे।
इधर गोवा पुलिस सनातन संस्था के विदेशों से तार जुड़े होने की जांच में भी जुट गई है।
पुलिस उपमहानिरीक्षक यादव ने बताया कि संस्था परिसर में गैरकानूनी रूप से रहने वाले तीन फ्रांसीसी नागरिकों सहित 12 विदेशी नागरिकों की जांच की जाएगी।
यादव ने आईएएनएस से कहा कि कई विदेशियों के दस्तावेज पूरे नहीं हैं और उनके खिलाफ जांच शुरू की गई है।
यादव ने कहा, "उन्होंने 'सी' फॉर्म नहीं भरा है। जबकि लंबे समय तक यहां रुकने वाले विदेशियों के लिए यह फॉर्म भरना आवश्यक है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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