अदालत ने पूछा, क्यों खाली है एनएचआरसी प्रमुख का पद
सर्वोच्च न्यायालय ने पीपुल्स यूनियन फार सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) द्वारा दाखिल एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से यह स्पष्टीकरण मांगा।
याचिका में कहा गया है कि एनएचआरसी एक अहम एजेंसी है जिसका गठन मानवाधिकार अधिनियम, 1993 के तहत किया गया है।
पीयूसीएल के अध्यक्ष पुष्कर राज ने अपनी याचिका में कहा कि मानवाधिकार आयोग के प्रमुख का पद पूर्व प्रधान न्यायाधीश राजेंद्र बाबू के मई 2009 में सेवानिवृत्त होने के समय से खाली है।
राज ने अपनी याचिका में कहा," एनएचआरसी के अध्यक्ष की नियुक्ति करने में सरकार की विफलता के कारण आयोग का काम-काज प्रभावित हो रहा है जिससे देश की न्यायिक एवं कानून व्यवस्था पर बोझ बढ़ रहा है।
राज ने कहा," एनएचआरसी प्रमुख की नियुक्ति कर पाने में सरकार की विफलता सरकार के स्वेच्छाचारी रवैये का परिचायक और अतार्किक है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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