एनटीपीसी और एसजेवीएन में विनिवेश को हरी झंडी
नई दिल्ली, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीइए) ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) लिमिटेड और सतलुज विद्युत निगम (एसजेवीएन) में विनिवेश के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने के क्रम में सार्वजनिक उपक्रमों में विनिवेश की जरूरत काफी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। बजट में विनिवेश का कार्यक्रम न घोषित किए जाने से उद्योग जगत ने निराशा जताई थी। हालांकि उस समय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने स्पष्ट किया था कि सरकार सार्वजनिक उपक्रमों में विनिवेश के मामले में सोच-समझ कर आगे बढ़ेगी।
वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने सोमवार को बताया, "सरकार एनटीपीसी में पांच फीसदी और एसजेवीएन में 10 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी।
सरकार को एनटीपीसी में पांच फीसदी हिस्सेदारी के विनिवेश से 8,800 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।
आनंद शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि विनिवेश के बाद कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी घट कर 84.5 फीसदी हो जाएगी।
उन्होंने कहा, "विनिवेश के बाद उम्मीद है कि एनटीपीसी की बाजार पूंजी अधिक हो जाएगी और इससे कंपनी को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में प्रतियोगी शर्तो पर संसाधनों को बढ़ाने में मदद मिलेगी।"
एनटीपीसी की मौजूदा समय में बाजार पूंजी एक लाख 72 हजार करोड़ रुपये है।
सतलुज जल विद्युत निगम केंद्र सरकार और हिमाचल प्रदेश सरकार का साझा उपक्रम है। इसमें केंद्र की हिस्सेदारी 75 फीसदी और राज्य सरकार की हिस्सेदारी 25 फीसदी है।
शर्मा ने बताया कि विनिवेश के बाद कंपनी में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 75 फीसदी से घट कर 65 फीसदी हो जाएगी।
कंपनी में हिमाचल प्रदेश की 25 फीसदी हिस्सेदारी पहले की तरह बरकरार रहेगी।
एसजेवीएन ऊर्जा बिक्री, वितरण, उत्पादन, परियोजना शुरू करने का कारोबार करता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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