रिवोल्यूशनरी गार्डो पर हमले से ईरान-पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव
रविवार को हमले की एक घटना में कम से कम रिवोल्यूशनरी गार्ड के सात वरिष्ठ वरिष्ठ कमांडरों सहित 42 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 28 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
सोमवार को ईरान के गाडरे पर हमले की जिम्मेदारी लेने वाला आतंकी संगठन जुन्दोल्लाह (खुदा के सिपाही) का ठिकाना पकिस्तान में है।
समाचा एजेंसी 'डीएपी' ने ईरान के सरकारी टेलीविजन के हवाले से बताया है कि ईरान के राष्ट्रपति मोहम्मद अहमदीनेजाद ने फोन पर बातचीत करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री आसिफ अली जरदारी से कहा," यद्यपि ईरान और पाकिस्तान के बीच भाईचारे का संबंध है लेकिन देश में आतंकी संगठनों की मौजूदगी का कोई औचित्य नहीं है।"
अहमदीनेजाद ने जरदारी से कहा," इन आतंकवादियों का सफाया करना पाकिस्तान के लिए जरूरी है और पाकिस्तान की सरकार को घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ने में ईरान का सहयोग करना चाहिए।"
अहमदीनेजाद ने सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक में सिस्तान-बलूचिस्तान की घटना पर सहयोगियों से विचार विमर्श किया और सभी संबद्ध मंत्रालयों से हमले में शमिल लोगों को पकड़ने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा।
रिवोल्यूशनरी गार्ड के चीफ कमांडर ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी पर जुनदोल्लाह आतंकी संगठन और इसके नेता अब्दोलमलिक रिगी का समर्थन करने का आरोप लगाया है।
जनरल मोहम्मद-अली जाफरी ने कहा," हमारे सुरक्षा एजेंटों ने इस बात के दस्तावेज पेज किए हैं जिसमें इस बात के पक्के सबूत हैं कि अमेरिका, ब्रिटेन और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियां रिगी को समर्थन दे रहीं हैं।"
अली जाफरी ने कहा कि ईरानी सुरक्षा अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही पाकिस्तान जाएगा और पाकिस्तान के सत्ता प्रतिष्टान को जानकारी बताएगा कि हम जुंदोल्लाह को पाकिस्तान से मिल रहे समर्थन से वाकिफ हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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