गोवा विस्फोट : मंत्री की पत्नी जांच के घेरे में (लीड-1)
नाइक ने अपने आवास पर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन संस्था के साथ जुड़े हर किसी की जांच की जा रही है।
नाइक ने कहा, "हम हर किसी की जांच कर रहे हैं। हम जानते हैं कि ज्योति धवलीकर सनातन संस्था से जुड़ी हुई हैं, लेकिन उनका जुड़ाव किस हद तक है, यह हमें नहीं पता है। मैंने पुलिस से इसकी जांच करने के लिए कहा है।"
ज्ञात हो कि गोवा के परिवहन मंत्री रामकृष्ण उर्फ सुदिन धवलीकर महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) के विधायक हैं और कांग्रेस नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के हिस्सा हैं। सुदिन के भाई दीपक धवलीकर भी एमजीपी के विधायक हैं।
मडगांव में सोमवार को संवाददाताओं को संबोधित करते हुए गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जीपीसीसी) के प्रवक्ता रमाकांत खलप ने कहा कि पुलिस को मामले के तह तक जाना चाहिए और चाहे कोई कितना भी ताकतवर क्यों न हो, उसे छोड़ना नहीं चाहिए।
पूर्व केंद्रीय कानून राज्य मंत्री खलप ने संवाददाताओं से कहा, "हमने पुलिस से यह भी कहा है कि वह इस बात की भी जांच करे कि सनातन संस्था के सदस्यों द्वारा मडगांव में किए गए विस्फोट का निशाना कहीं मुख्यमंत्री दिगंबर कामत तो नहीं थे।" मडगांव मुख्यमंत्री कामत का गृह नगर है।
इसे खुफिया एजेंसियों की आंखें खोलने वाली एक घटना करार देते हुए खलप ने कहा, "पुलिस की ओर से हुई किसी भी चूक की जांच किए जाने की जरूरत है।"
इस बीच राज्य के लोक निर्माण विभाग मंत्री चर्चिल अलेमाओ ने मांग की है कि यदि गोवा विस्फोट में सनानत संस्था का हाथ पाया जाता है तो उसे प्रतिबंधित कर देना चाहिए।
सोमवार को अपराह्न् संवाददाताओं के साथ बातचीत करते हुए अलेमाओ ने कहा, "यदि सनातन संस्था को दोषी पाया जाता है तो उसे प्रतिबंधित कर दिया जाना चाहिए। उसे इस तरह की समाज विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। यदि कोई राजनेता इसमें शामिल हो तो उसे भी दंडित किया जाना चाहिए, चाहे वह मेरा कैबिनेट सहयोगी ही क्यों न हो।"
सनातन संस्था के दो कार्यकर्ताओं की दक्षिण गोवा के मडगांव कस्बे में शुक्रवार की रात उस समय मौत हो गई थी, जब उनके द्वारा स्कूटर में रख कर ले जाया जा रहा बम रास्ते में फट गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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