बेंगलुरू में दीपावली समारोह का गमगीन समापन
30 सितम्बर से 2 अक्टूबर के दौरान आई बाढ़ में करीब 220 लोगों के मरने और करीब 10 लाख लोगों के बेघर हो जाने के बाद दीपावली के लिए शॉपिंग मॉल्स और बाजारों में सजावट नहीं की गई थी।
यद्यपि त्योहार का उत्साह पूरी तरह से ठंडा नहीं था क्योंकि हजारों घरों को रंग-बिरंगे इलेक्ट्रॉनिक बल्बों और पारंपरिक दीपों से सजाया गया था। जबकि शाम के समय आकाश में पटाखों की रंग-बिरंगी रोशनी बिखरी।
पटाखों से थोड़ा-बहुत जलने के बाद जख्मी हुए करीब 70 लोग विभिन्न अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचे।
राज्य द्वारा संचालित 'मिंटो आई हॉस्पिटल' के चिकित्सक सुरेश वी. के मुताबिक, "ज्यादातर मामलों में जलने की वजह से लोगों में हल्के-फुल्के जख्म हुए थे। यद्यपि हमारे अस्पताल में दाखिल हुए तीन लोगों की दृष्टि अस्थाई रूप से चली गई है। उनकी निगरानी की जा रही है। यदि आवश्यक हुआ तो उनकी शल्य क्रिया की जाएगी।"
नगर के केंद्र में स्थित अस्पताल में आंखों के जख्मी होने के 20 से अधिक मामले आए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications