गोद लिए भारतीय बच्चों के अच्छे अभिभावक होते हैं इतालवी
नई दिल्ली, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय बच्चों को गोद लेने वाले विदेशियों में इतालवी और स्पेनवासी लोग बच्चों के अच्छे अभिभावक साबित होते हैं और वे बड़ी उम्र के व विकलांग बच्चों को भी गोद लेने में हिचकिचाते नहीं हैं।
दिल्ली की बच्चा गोद लेने वाली 10 एजेंसियों के संगठन 'कोओर्डिनेटिंग वोलेंट्री एडॉप्शन रिसोर्स एजेंसी' (सीवीएआरए) की सचिव लीला बेग का कहना है, "बच्चों को गोद लेने के लिए कई विदेशी भारत आते हैं लेकिन हमने पाया है कि इतालवी और स्पेनवासी युगल बच्चों के अच्छे अभिभावक साबित होते हैं।"
बेग ने आईएएनएस से कहा, "बच्चे गोद देने के बाद मिली जानकारियां बताती हैं कि वे बच्चों के अच्छे माता-पिता बनते हैं।"
यद्यपि वह कहती हैं कि अन्य विदेशी लोग अच्छे अभिभावक नहीं होते हैं यह कहना गलत होगा। उन्होंने कहा, "विदेशी लोग जिन बच्चों को गोद लेते हैं वे अधिक उम्र के बच्चे होते हैं और उनमें से ज्यादातर को मनोवैज्ञानिक या किसी अन्य प्रकार की परेशानी होती है। अभिभावकों के बच्चों के गोद लेने के निर्णय में ये परेशानियां बाधा नहीं बनती हैं।"
बेग कहती हैं, "तथ्य यह है कि उनमें से कुछ लोग हमसे विशेषरूप से ऐसे बच्चों के विषय में पूछते हैं जिन्हें अन्य लोग गोद नहीं लेते हैं या जिन बच्चों की व्यवहारगत परेशानियों के चलते उनका परित्याग किया गया हो। जब हम इन्हीं बच्चों को बाद में देखते हैं तो उनमें अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिलता है। शायद उन पर व्यक्तिगत ध्यान दिया जाता है या उन्हें बहुत अच्छे घरेलू वातावरण में रखा जाता है।"
बेग कहती हैं कि भारतीय लोग ऐसे बच्चों को गोद लेना पसंद करते हैं जिनकी उम्र एक साल से कम हो और जो गोरे व स्वस्थ हों। "भारतीय जोड़ों को गोद लिए जाने वाले बच्चे से भारी अपेक्षाएं होती हैं। वह एक स्वस्थ बच्चा चाहते हैं जिसका रंग काला न हो लेकिन विदेशियों के साथ ऐसी समस्या नहीं है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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