मुशर्रफ के कार्यकाल के 37 कानूनों की समीक्षा करेगी पाकिस्तानी संसद
पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत ने 31 जुलाई के अपने आदेश में तीन नवंबर, 2007 को मुशर्रफ द्वारा घोषित किए गए आपातकाल को असंवैधानिक ठहराया था। अदालत ने संसद द्वारा इन 37 कानूनों को खारिज करने या मंजूरी देने की समय सीमा 30 नवंबर तय की थी।
मुर्शरफ के कार्यकाल में बनाए गए कानूनों के सबसे विवादास्पद कानून राष्ट्रीय समाधान विधेयक (एनआरओ) था। एनआरओ के तहत उस समय पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय बेनजीर भुट्टो और उनके पति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ चल रहे भ्रष्टचार के आरोपों को वापस ले लिया गया था। इससे बेनजीर भुट्टी की वतन वापसी का रास्ता भी साफ हो गया था।
समाचार पत्र 'डॉन' की रिपोर्ट में कहा गया हैं, "सरकार ने अध्यादेशों को 16 अक्टूबर को सत्र के आखिर में संसद में रखा। इस तरह से सरकार इन्हें पारित कराने के लिए अधिक से अधिक समर्थन जुटाने के लिए समय का लाभ उठाना चाहती है।"
रिपोर्ट में संसद के सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अगर नेशनल असेंबली और सीनेट इन विधेयकों को साधारण बहुमत से मंजूरी दे देती है तो यह कानून बन जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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