वज़ीरिस्तान मे सैन्य अभियान तेज़

हफ़ीज़ चाचड़
पाकिस्तान से
पाकिस्तान के दक्षिणी वज़ीरिस्तान में संदिग्ध तालेबान विद्रोहियों के ख़िलाफ जारी सैन्य अभियान के दौरान दोनों पक्षों के बीच कड़ा संघर्ष चल रहा है.
पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े दक्षिणी वज़ीरिस्तान में सैन्य अभियान के दूसरे दिन वायुसेना ने संदिग्ध तालेबान विद्रोहियों के ठिकानों पर हवाई बमबारी की. जिसमें कई लोगों के हताहत होने की ख़बरें हैं.
पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 24 घंटों के भीतर सुरक्षाबलों ने लगभग 60 चरमपंथियों को मार दिया है.
बयान में बताया गया है कि इस अभियान में पांच सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं और 11 के करीब घायल हो गए हैं.
वज़ीरिस्तान से प्राप्त सूचना के अनुसार रविवार को भी सुरक्षाबलों ने तालेबान लड़ाकों के ख़िलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखी और लड़ाकू विमानों ने दक्षिण वज़ीरिस्तान के दर्रा मकीन, लधा और कनी गोरम के इलाक़ों में चरमपंथियों के कई ठिकानों को निशाना बनाया है.
स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले दिन के मुक़ाबले में रविवार को वायुसेना के विमानों ने भरपूर हमले किए और तालेबान की ओर से भी कड़ा प्रतिरोध दिखाया गया.
सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि सुरक्षाबलों ने तालेबान के प्रमुख हकीमुल्लाह महसूद के इला़क़े कोटकी के पहाड़ों पर पोज़ीशन संभाल ली है लेकिन सरकारी तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है.
सुरक्षाबलों ने पेश क़दमी शुरु कर दी है लेकिन उन्हें कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है. यह बताया जा रहा है कि नवाज़ कोट के इलाक़ों में चरमपंथियों के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया है.
विस्थापन
इलाके में चल रहे इस व्यपक सैन्य अभियान के बीच वज़ीरिस्तान से काफ़ी लोग विस्थापित हो रहे हैं.
संघर्षरत इलाक़े से बाहर लगभग 20 हज़ार लोगों ने शिविरों में शरण ले रखी है. लेकिन सहायता एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि अभी और लोगों के विस्थापित होने की आशंकाएं हैं.
सैन्य अभियान के बाद दक्षिण वज़ीरिस्तान से कई लोग इलाक़ा छोड़ कर दूसरे शहरों की तरफ़ जा रहे हैं और अधिकतर विस्थापित डेरा इस्माईल ख़ान और टाँक पहुँच रहे हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि डेरा इस्माईल ख़ान में विस्थापितों के लिए केंद्र बनाए गए हैं जहाँ उन का पंजीकरण किया जा रहा है.
ध्यान रहे कि वज़ीरिस्तान और टाँक से सटे हुए शहर डेरा इस्माईल ख़ान और टाँक में मोबाईल टेलीफोन सर्विस जाम कर दी गई है जिस की वजह से इलाक़े से आज़ाद सूत्रों से ख़बरें मिलने में मुश्किल पेश आ रही है.


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